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जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हमला, प्रियंका गांधी बोलीं- सुरक्षा देने वाली पुलिस ही असुरक्षित कर रही

New Delhi, Delhi

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा का विरोध करने वाली महिलाएं खुद पुलिसकर्मियों की हिंसा का शिकार बनें, यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने छात्र नेता नेहा बोरा का वीडियो भी साझा किया।

नेहा बोरा ने अपने वीडियो संदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों से लेकर विरोध प्रदर्शनों तक महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कथित कार्रवाई का विरोध किया। वीडियो में 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक ‘नागरिक मार्च’ का आह्वान किया गया। यह मार्च दिल्ली पुलिस और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन यानी SIR के खिलाफ आयोजित किए जाने की बात कही गई।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे को लेकर दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कवर कर रही महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी पुलिस के अशोभनीय व्यवहार की शिकायत की है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि कई पत्रकारों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने के बावजूद मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पुलिस की जिम्मेदारी सुरक्षा प्रदान करना है, अगर वही महिलाओं को असुरक्षित महसूस कराए तो यह गंभीर मामला है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि क्या महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है और यदि नहीं, तो मामले का संज्ञान क्यों नहीं लिया जा रहा।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी राह चलते बदमाश द्वारा महिला के साथ गलत व्यवहार किया जाए तो वह पुलिस से मदद की उम्मीद करती है। लेकिन यदि पुलिस पर ही ऐसे आरोप लगें तो महिलाओं के सामने न्याय के लिए जाने की जगह को लेकर सवाल खड़ा होता है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से एफआईआर दर्ज कराने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और पार्टी कार्यकर्ताओं ने संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भी मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

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