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Gold Price: सोने पर बढ़ा दबाव, ₹1.25 लाख से नीचे जाने की चर्चा; अमेरिका के 4 संकेतकों पर नजर

नई दिल्ली, दिल्ली

सोने की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। भारत में सोने का भाव 1,50,250 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,138 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय मुद्रा में यह कीमत करीब 1.28 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर है।

इस सप्ताह सोने की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़े भी सोने को गिरावट से नहीं बचा सके। अब बाजार में 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर सबसे अहम स्तरों में माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगले सप्ताह सोने की दिशा तय करने में चार प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इन आंकड़ों के अलावा अमेरिकी महंगाई, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और डॉलर की चाल पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े यह संकेत दे सकते हैं कि फेडरल रिजर्व के लिए आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख हो सकता है। यदि महंगाई अधिक बनी रहती है तो ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद प्रभावित हो सकती है। इसका असर सोने की कीमत पर दबाव के रूप में दिखाई दे सकता है।

वहीं, यदि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े कमजोर आते हैं और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है तो सोने की कीमत को समर्थन मिल सकता है। कम ब्याज दरों की उम्मीद आम तौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश को प्रभावित करती है।

डॉलर की चाल भी सोने के लिए महत्वपूर्ण कारक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव डॉलर में तय होता है। ऐसे में डॉलर की मजबूती या कमजोरी के अनुसार सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर बाजार की निगाह में है। यदि सोना इस स्तर के आसपास टिकता है तो आगे की दिशा के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत होगा। दूसरी ओर, इस स्तर के नीचे कमजोरी आने पर गिरावट और बढ़ने की संभावना पर बाजार में चर्चा हो सकती है।

भारत में मौजूदा भाव 1,50,250 रुपये प्रति 10 ग्राम है। ऐसे में ₹1.25 लाख से नीचे कीमत आने की संभावना को लेकर निवेशकों के बीच सवाल हैं, लेकिन अभी इसे निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता।

आने वाले सप्ताह में अमेरिका से जारी होने वाले आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की संभावित नीति और डॉलर की चाल सोने के बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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