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फ्रांस के छात्र आंदोलन पर ट्रंप का बड़ा बयान, इस्लाम और बड़े पैमाने पर प्रवासन को बताया जिम्मेदार

वॉशिंगटन, अमेरिका

फ्रांस में सितंबर के आखिर से जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस में हो रही अशांति के लिए बड़े पैमाने पर प्रवासन और इस्लाम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि फ्रांस में चल रहा आंदोलन केवल स्कूलों से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे देश पर कब्जा करने की कोशिश है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में फ्रांस की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है, वह बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन से जुड़ा है। ट्रंप ने इसे इस्लाम द्वारा फ्रांस पर कब्जा करने की कोशिश के रूप में बताया।

सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

फ्रांस में छात्र सितंबर के आखिर से बेहतर हालात की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान देशभर में कई हाई स्कूलों के गेट बंद किए गए। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की घटनाएं भी हुई हैं।

मंगलवार को पूरे फ्रांस में करीब ढाई लाख प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने का दावा किया गया। आंदोलन के बढ़ने के साथ ही फ्रांस में इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

प्रवासन पर ट्रंप का रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लंबे समय से यूरोप में बड़े पैमाने पर प्रवासन को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं। उनका प्रशासन यूरोपीय देशों से अपनी सीमाओं को मजबूत करने और प्रवासन को नियंत्रित करने की अपील करता रहा है।

ट्रंप और उनके समर्थक कई बार यूरोप की सामाजिक समस्याओं और प्रवासन के बीच संबंध होने का दावा कर चुके हैं। फ्रांस में चल रहे प्रदर्शनों को भी अब इसी राजनीतिक बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।

MAGA नेताओं ने भी उठाया मुद्दा

अमेरिका में ट्रंप के MAGA आंदोलन से जुड़े नेता और टिप्पणीकार फ्रांस में हो रही अशांति को प्रवासन के मुद्दे के समर्थन में इस्तेमाल कर रहे हैं। अगले महीने होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले प्रवासन रिपब्लिकन राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

ट्रंप के सहयोगी ग्लेन बेक ने भी फ्रांस में हो रही अशांति को पश्चिमी देशों के लिए चेतावनी बताया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की स्थिति दूसरे पश्चिमी देशों के लिए भी संकेत है।

ट्रंप के बयान के बाद फ्रांस में जारी छात्र आंदोलन को लेकर अमेरिका और यूरोप में राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना है। फिलहाल फ्रांस में प्रदर्शन जारी हैं और इस मुद्दे पर प्रवासन, सुरक्षा और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर बहस चल रही है।

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