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वीरभद्र सिंह के नाम पर पार्टी गठन को प्रतिभा सिंह की आपत्ति, चुनाव आयोग से पंजीकरण रोकने का आग्रह

शिमला, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी राजनीतिक विरासत से जुड़े नामों के इस्तेमाल को लेकर पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने चुनाव आयोग का रुख किया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर ऐसे नामों से राजनीतिक दलों के पंजीकरण की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया है।

प्रतिभा सिंह ने पत्र में ‘राष्ट्रवादी वीरभद्र कांग्रेस’ और ‘वीर कांग्रेस’ नाम से राजनीतिक दल बनाने के प्रयासों पर आपत्ति जताई है। इसके अलावा उन्होंने ‘राजा’, ‘बुशहर’ और ‘राजा बुशहर’ नामों के राजनीतिक उपयोग का भी उल्लेख किया है।

समाचार पत्रों और इंटरनेट मीडिया से मिली जानकारी

प्रतिभा सिंह के अनुसार, उन्हें समाचार पत्रों और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से वीरभद्र सिंह के नाम से राजनीतिक दल बनाने के प्रयासों की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि इन नामों से राजनीतिक दलों के पंजीकरण की अनुमति नहीं दी जाए।

परिवार की अनुमति के बिना नाम इस्तेमाल करने पर आपत्ति

प्रतिभा सिंह ने कहा कि देश में किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक दल बनाने की स्वतंत्रता है। हालांकि, उनके अनुसार किसी राजनीतिक दल के नाम में उनके दिवंगत पति वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी प्रतिष्ठा का इस्तेमाल उनकी या परिवार के किसी सदस्य की अनुमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य ने इन नामों से राजनीतिक दल बनाने के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को कोई अनुमति या सहमति नहीं दी है।

पत्र में उन्होंने ‘राष्ट्रवादी वीरभद्र कांग्रेस’ और ‘वीर कांग्रेस’ के साथ-साथ ‘राजा’, ‘बुशहर’ और ‘राजा बुशहर’ नामों का भी उल्लेख किया है।

चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग

प्रतिभा सिंह ने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने और प्रस्तावित नामों के आधार पर राजनीतिक दलों के पंजीकरण की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया है।

उनकी आपत्ति वीरभद्र सिंह के नाम और उनकी राजनीतिक पहचान के इस्तेमाल से जुड़ी है। प्रतिभा सिंह का कहना है कि परिवार की अनुमति के बिना उनके नाम और प्रतिष्ठा का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

अब चुनाव आयोग की ओर से इस आपत्ति पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल प्रतिभा सिंह ने अपने पत्र के माध्यम से प्रस्तावित राजनीतिक दलों के नामों को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।

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