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नाना पाटेकर का पुणे में 27 एकड़ का फार्महाउस, गोवा में निधन

नाना पाटेकर का पुणे में 27 एकड़ का फार्महाउस, गोवा में निधन

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट के कारण गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें सुबह 4 बजे बेहोश पाया गया था और अस्पताल ले जाने के बाद सुबह 5:20 बजे मृत घोषित कर दिया गया। उनका अंतिम संस्कार पुणे के फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

नाना पाटेकर का निधन और अस्पताल में इलाज

नाना पाटेकर को तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने इसकी पुष्टि की। पोस्टमार्टम के लिए एक मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।

अपने लगभग पांच दशकों के करियर में नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। उनके निधन से फिल्म जगत में एक बड़ी क्षति हुई है। वे अपनी सरल और सादगी भरी जीवनशैली के लिए भी जाने जाते थे, साथ ही उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में आंकी गई थी।

संपत्ति और जीवनशैली

नाना पाटेकर की कुल संपत्ति 50 करोड़ से 80 करोड़ रुपये के बीच मानी जाती है। उन्होंने दशकों तक फिल्मों में काम करके यह दौलत कमाई थी। रिपोर्टों के मुताबिक वे हर फिल्म के लिए 2 से 3 करोड़ रुपये लेते थे। बावजूद इसके, उनकी जिंदगी बहुत सादगी से भरी थी, उन्होंने मुंबई अंधेरी में लगभग 750 स्क्वायर फीट के एक छोटे से 1 BHK फ्लैट में जीवन बिताया।

यह फ्लैट decades पहले 1.1 लाख रुपये में खरीदा गया था जिसकी आज की कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये मानी गई है। वे अपनी मां के साथ यहां रहते थे और बाद में अकेले रहना पसंद करते थे। वे अपने इस छोटे से घर में खुश थे और बड़े घर की कभी इच्छा नहीं जताई।

नाना पाटेकर का गोवा में भी एक आलीशान घर था जहां वे काफी समय बिताते थे। उनकी इस गोवा वाली प्रॉपर्टी मुंबई के साधारण फ्लैट से काफी बेहतर और आधुनिक थी। वे मुंबई, गोवा और पुणे के बीच अपना समय बांटकर रहते थे।

पुणे के पास खड़कवासला में नाना पाटेकर के पास करीब 27 एकड़ में फैला एक बड़ा फार्महाउस था। इसमें सात कमरे और एक बड़ा हॉल था। यहां गेहूं और धान उगाए जाते थे, जिन्हें पूरे महाराष्ट्र में बेचा जाता था। इस कमाई का फायदा खेत मजदूरों और स्थानीय किसानों में बांटा जाता था।

नाना पाटेकर किसानों की आर्थिक मदद के लिए भी जाने जाते थे। 2015 में उन्होंने सूखे से प्रभावित महाराष्ट्र के लातूर और विदर्भ के 100 से ज्यादा परिवारों को व्यक्तिगत रूप से सहायता राशि भी दी थी। उनकी ये सेवाएं उनके सरल और नेक चरित्र को दर्शाती हैं।

अंत में, 8 अक्टूबर को शाम 4 बजे पुणे में स्थित उनके फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर गोवा से पुणे लाया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने मराठी थिएटर और सिनेमा में उनके योगदान के लिए राजकीय अंतिम संस्कार की घोषणा की है।

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