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गुरु प्रदोष व्रत कथा: भोलेनाथ की कृपा से हर परेशानी दूर हो

गुरु प्रदोष व्रत कथा: भोलेनाथ की कृपा से हर परेशानी दूर हो

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण धार्मिक उपवास है, जो हर महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता है। शुक्रवार या गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को उसके दिव्य महत्व की वजह से गुरु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस व्रत की पूजा प्रायः प्रदोष काल में की जाती है, जो सूर्यास्त से 45 मिनट पहले से लेकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक होता है।

गुरु प्रदोष व्रत का महत्व

गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए माना गया है। इस दिन श्रद्धालु देवगुरु बृहस्पति की भी आराधना करते हैं। व्रत के दौरान शिव जी की पूजा के साथ-साथ व्रत कथा का पाठ करना आध्यात्मिक लाभ देता है। यह व्रत जीवन से बुरी परिस्थितियों को दूर करने एवं मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

इस वर्ष गुरु प्रदोष व्रत का प्रदोष काल शाम 5:59 बजे से रात 8:27 बजे तक रहेगा, जबकि त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर रात 11:16 बजे से शुरू होकर 8 अक्टूबर रात 10:15 बजे तक रहेगी।

गुरु प्रदोष व्रत कथा का सार

गुरु प्रदोष व्रत की कथा देवराज इंद्र, वृत्तासुर और राजा चित्ररथ से जुड़ी है। एक बार देवताओं और राक्षस वृत्तासुर के बीच बड़ा युद्ध हुआ। देवताओं ने विजयी हो कर वृत्तासुर को हरा दिया, लेकिन वह क्रोधित होकर अपना विकराल रूप धारण कर बैठा। उसकी भयानक सेना देखकर देवता भयभीत हो गए और देवगुरु बृहस्पति के पास मदद के लिए गए।

बृहस्पति ने बताया कि वृत्तासुर पूर्व जन्म में राजा चित्ररथ था, जो भगवान शिव का भक्त था। परंतु उसने एक बार कैलाश पर्वत पर शिव और पार्वती की सभा का अपमान किया था। माता पार्वती ने उसे राक्षस योनि का श्राप दिया जिसके कारण वह वृत्तासुर बना। देवगुरु बृहस्पति ने देवताओं को गुरु प्रदोष व्रत करने की सलाह दी ताकि शिवजी प्रसन्न हों।

देवराज इंद्र ने श्रद्धापूर्वक गुरु प्रदोष व्रत किया, जिससे वह वृत्तासुर पर विजय प्राप्त कर देवलोक की रक्षा कर सके। इस व्रत को करने से न केवल शत्रु Vinash होता है बल्कि जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी आती है।

इस व्रत की साधना और पूजा विधिपूर्वक करने से भगवान शिव की अनुकम्पा प्राप्त होती है। श्रद्धालु लोग इस व्रत के दिन कथा सुनना और व्रत का पालन करना न भूलें ताकि उनके जीवन की सभी परेशानियां दूर हो सकें।

इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।

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