दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

आम्रपाली ग्रुप पर ED की कार्रवाई, महारानी बाग में ₹54 करोड़ की संपत्ति कुर्क

आम्रपाली ग्रुप पर ED की कार्रवाई, महारानी बाग में ₹54 करोड़ की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के पॉश महारानी बाग इलाके में आम्रपाली ग्रुप की करीब 54.71 करोड़ रुपए की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में कुर्क किया है। यह कार्रवाई घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले में की गई है, जिसमें ईडी ने पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा समेत उत्तर प्रदेश पुलिस की दर्ज 18 एफआईआर से जुड़ा हुआ है।

अधिकारियों ने की बड़ी जांच

आम्रपाली ग्रुप पर आरोप है कि उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई रिहायशी प्रोजेक्ट शुरू किए और 36 महीने के भीतर फ्लैट देने का वादा करके घर खरीदारों से बड़ी रकम जमा की। हालांकि, कई प्रोजेक्ट अभी तक अधूरे हैं और मकान कब्जे में न होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऑनलाइन शिकायतों के बाद ED ने इस मामले की जांच शुरू की।

ईडी की फॉरेंसिक जांच में पता चला कि आम्रपाली ग्रुप ने घर खरीदारों से प्राप्त करीब 5000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को कई मुखौटा कंपनीयों और समूह की अन्य कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया। इसमें निदेशकों द्वारा पेशेवर फीस के नाम पर राशि की हेराफेरी की गई।

कुर्क की गई संपत्ति के बारे में

ईडी ने यह भी बताया कि इस धनराशि के एक हिस्से को आम्रपाली ग्रुप के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा और उनके परिवार की मदद से दिल्ली की सुरभी एडवरटाइजिंग कंपनी को ऋण के रूप में भेजा गया। इस राशि का इस्तेमाल महारानी बाग, दिल्ली में स्थित एक प्रमुख संपत्ति के लिए किया गया।

आर्थिक अपराधों से संबंधित एजेंसी ने यह संपत्ति अपराध से अर्जित आय के रूप में चिन्हित कर, इसे लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की देखरेख में अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया। यह कदम आम्रपाली ग्रुप के वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता जांच का अहम हिस्सा है।

इस दौरान ईडी ने बताया कि अभी तक आम्रपाली ग्रुप की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वहीं, पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि आरोपों की पुष्टि हो सके और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

घर खरीदारों ने लंबे समय से फ्लैट ना मिलने और भारी रकम बुकिंग के लिए देने के कारण परेशानी जाहिर की है। इस मामले में कई शिकायतें दर्ज हैं, जिससे पता चलता है कि समूह के प्रोजेक्ट न तो समय पर पूरे हुए और न ही राशि लौटाई गई।

आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने आम्रपाली ग्रुप और संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है। मामले में आगे की जांच से अन्य ठोस तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

Source

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!