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Tulsi Plant at Home: भूलकर भी इस दिशा में न रखें तुलसी का पौधा, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी!

Tulsi Plant at Home: भूलकर भी इस दिशा में न रखें तुलसी का पौधा, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी!

मीडिया क्षेत्र में करीब एक दशक के अनुभव वाले पत्रकार ने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आम लोगों तक पहुँचाने का काम किया है। उन्होंने 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया।

धार्मिक विषयों पर विशेष ध्यान

इन्होंने अपने करियर के दौरान ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यपूर्ण भाषा में प्रस्तुत किया। वर्तमान में वे TV9 भारतवर्ष के लिए धर्म और आस्था से जुड़े समाचार तैयार करते हैं।

महाकुंभ 2025 की बड़ी कवरेज में इन्हें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराएं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ के धार्मिक-सांस्कृतिक पक्षों को विस्तार से समझने का मौका मिला। साथ ही उन्होंने चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान समेत अन्य धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है।

धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी का सरल प्रस्तुतीकरण

इनका प्रमुख उद्देश्य धर्म, दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराण और लोक आस्थाओं को सहज भाषा में लोगों तक पहुँचाना है। ताकि लोग अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को बेहतर तरीके से समझ सकें और अपनी जड़ों से जुड़े रह सकें।

पत्रकार ने बताया कि उन्होंने इस क्षेत्र में लगातार नए अनुभव और ज्ञान हासिल किए हैं जिससे उनकी कवरेज अधिक कारगर और प्रभावी बनी। उनकी लेखनी में पारंपरिक तथ्यों के साथ आधुनिक सम्पूर्णता भी नज़र आती है।

टेलीविजन और डिजिटल मीडिया के संयोजन से उनकी पहुँच व्यापक हुई है। जिससे देश भर के दर्शक और पाठक उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों की रिपोर्टिंग से जुड़े रहते हैं।

उन्होंने स्वीकार किया कि धार्मिक आयोजन और पर्वों की कवरेज करना एक प्रकार से समाज सेवा जैसा कार्य है। यह लोगों को न केवल आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है बल्कि संस्कृति के संरक्षण में भी मददगार होता है।

अंत में, उन्होंने कहा कि वे अपनी पत्रकारिता के माध्यम से भारतीय धर्म और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक जिम्मेदार प्रयास जारी रखेंगे। यह काम उनकी अंतरात्मा और पत्रकारिता की लगन दोनों का परिनाम है।

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