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पनामा में दो बड़े भूकंपों से दहशत, जयशंकर बोले- भारत साथ है

पनामा में दो बड़े भूकंपों से दहशत, जयशंकर बोले- भारत साथ है

मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार देर रात और शनिवार की सुबह दो बड़े भूकंप के झटकों ने लोगों में भय का माहौल बना दिया। पहला झटका 7.7 तीव्रता का था, जबकि दूसरे झटके की तीव्रता 6.6 मापी गई। दोनों भूकंपों का केंद्र जमीन से लगभग दस किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे काफी नुकसान हुआ और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

पनामा में भूकंप का असर

पनामा के राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा प्रणाली (एसआईएनएपीआरओसी) ने बताया कि अचानक आये इन भूकंपों के कारण 27 लोग घायल हुए हैं। राजधानी पनामा सिटी समेत देश के मध्य भाग में भूकंप के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। सड़कों पर दरारें आ गई हैं और कई घरों की दीवारें टूट गई हैं। भय के कारण लोग रात भर घर के बाहर खुले स्थानों में ही रहे।

रात 8 बजे स्थानीय समय पर (भारतीय समयानुसार शनिवार दोपहर 1 बजे) पहला भूकंप आया था, जिसने पूरे शहर में भय मचा दिया। इसके बाद शनिवार सुबह एक और तेज झटका महसूस किया गया, जिससे स्थिति और खराब हो गई। भूकंप की तीव्रता और बादलों ने लोगों में दहशत फैला दी।

भारत की प्रतिक्रिया और सुरक्षा अधिकारियों की चेतावनी

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पनामा के लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि भारत भूकंप के बाद पनामा के लोगों के साथ एकजुट है। उन्होंने विशेष रूप से प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी भारत की एकजुटता व्यक्त की।

पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा कि किसी को भी ऐसी आपदा के लिए तैयार होना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी की मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं मिली है, लेकिन हालत भविष्य में बदल सकती है।

यूएस पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने भूकंप के बाद पहले सुनामी की चेतावनी जारी की थी, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने की सूचना दी गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, यह भूकंप पनामा के दक्षिणी छोर के पास हुआ और राजधानी से 100 मील दूर तक महसूस किया गया।

पनामा में दो भूकंपों की वजह से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चल रहे हैं। लोग अब भी भय के कारण घरों से बाहर निकल रहे हैं और स्थिति की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।

इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय सरकारों और देशों को एक-दूसरे के सहयोग और संवेदनशीलता की जरूरत होती है। भारत ने इस संकट में पनामा के साथ सहयोग और समर्थन का भरोसा दिया है।

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