दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

अमेरिका में PERM सस्पेंड, भारतीय टेक वर्कर्स के लिए क्या हैं विकल्प?

अमेरिका में PERM सस्पेंड, भारतीय टेक वर्कर्स के लिए क्या हैं विकल्प?

अमेरिका में PERM प्रक्रिया के सस्पेंशन ने कई भारतीय टेक वर्कर्स के लिए चिंता पैदा कर दी है, जो ग्रीन कार्ड प्राप्ति के लिए इस लेबर सर्टिफिकेशन पर निर्भर थे। माइक्रोसॉफ्ट, एडोब जैसी बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए यह एक अहम मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि PERM के बिना उनका ग्रीन कार्ड आवेदन रुक सकता है।

PERM प्रक्रिया, जो US लेबर डिपार्टमेंट द्वारा जारी की जाती है, यह सुनिश्चित करती है कि किसी जॉब के लिए विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करना अमेरिकी श्रम बाज़ार की जरूरतों के अनुरूप हो। जब यह प्रक्रिया ठप हो जाती है, तो इमिग्रेशन के कई कदम प्रभावित होते हैं, जिससे भारतीय टेक वर्कर्स की नौकरी और स्थायित्व पर सवाल आते हैं।

अन्य ग्रीन कार्ड विकल्प और ट्रांसफर

PERM सस्पेंशन का मतलब यह नहीं कि ग्रीन कार्ड पाने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। प्रभावित वर्कर्स दूसरे स्पॉन्सरिंग एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कर सकते हैं, जहाँ नए काम के लिए PERM प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है। H-1B नियमों के तहत, वर्कर्स कंपनियां बदल सकते हैं अगर नई कंपनी आवश्यक पिटीशन फाइल करती है।

यदि कर्मचारी ने पहले से I-140 फॉर्म की मंजूरी प्राप्त कर ली है, तो उसकी ‘प्रायोरिटी डेट’ बची रह सकती है, जो ग्रीन कार्ड कतार में उसकी जगह बनाए रखती है। इससे उनके इमिग्रेशन प्रोसेस में सहूलियत मिल सकती है।

ग्रीन कार्ड के बिना PERM के विकल्प

कुछ विशेष श्रेणियाँ जैसे EB-1A और EB-2 NIW के अंतर्गत PERM की जरूरत नहीं होती। EB-1A कैटेगरी उन प्रोफेशनल्स के लिए है जिनके पास असाधारण योग्यता और अंतरराष्ट्रीय सम्मान हो। वे अपने आप आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे अपने उल्लेखनीय योगदान साबित कर सकें।

EB-2 नेशनल इंटरेस्ट वेवर (NIW) प्रोफेशनल्स को जॉब ऑफर और PERM से छूट देती है यदि उनके काम का राष्ट्रीय महत्व सिद्ध होता है। इस कैटेगरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी तथा एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़े वर्कर्स आवेदन कर सकते हैं।

विदेश में ट्रांसफर एक और विकल्प है। मल्टीनेशनल कंपनियों के कर्मचारी भारत या कनाडा के इंटरनेशनल ऑफिस में जाने के बाद L-1 वीजा पर अमेरिका ट्रांसफर हो सकते हैं। L-1A मैनेजर या उच्च पद पर काम करने वालों के लिए और L-1B विशिष्ट ज्ञान वाले कर्मचारियों के लिए होता है।

हालांकि, विदेश में काम करने के बाद भी वापस अमेरिका आना निश्चित नहीं है। इसके लिए अमेरिकी नौकरी, रोल और इमिग्रेशन नियमों को पूरा करना आवश्यक है। कुल मिलाकर, PERM सस्पेंशन के बावजूद भारतीय टेक वर्कर्स के पास कई वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं, जिन पर वे गौर कर सकते हैं।

Source

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!