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H1B अप्रूवल का मतलब नई हायरिंग नहीं, PERM सस्पेंशन पर सवाल उठे

H1B अप्रूवल का मतलब नई हायरिंग नहीं, PERM सस्पेंशन पर सवाल उठे

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आठ टेक कंपनियों के लिए ग्रीन कार्ड प्रोसेस पर रोक लगा दी है। उनका आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिकी वर्कर्स को नौकरी नहीं दे रहीं, बल्कि सस्ते विदेशी कामगारों को काम पर रख रही हैं। इस फैसले के चलते कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या ग्रीन कार्ड रोकने से वाकई अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियां गईं।

PERM सर्टिफिकेशन क्या होता है?

PERM एक सरकारी प्रक्रिया है जो ग्रीन कार्ड के लिए जरूरी है। इसे पाने के बाद कंपनियां अपने विदेशी कर्मचारियों का स्थायी निवास कराया सकती हैं। वहीं, H-1B वीजा नॉन-इमिग्रेंट वर्क वीजा होता है, जो विदेशियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। PERM सर्टिफिकेशन पर लगी रोक से विदेशी कर्मचारी की स्थायी नियुक्ति पर असर पड़ा है।

उपयुक्त जानकारी देने वाले इमिग्रेशन अटॉर्नी ज्ञानमुकन सेंथुरजोथी ने इस मामले में पांच अहम बिंदु बताए। उन्होंने कहा, “H-1B अप्रूवल का मतलब हमेशा नई हायरिंग नहीं होता। इसमें मौजूदा कर्मचारियों के वीजा एक्सटेंशन भी शामिल हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि उनकी लगभग 80% H-1B फाइलिंग्स एक्सटेंशन या स्टेटस बदलाव की थीं।”

अमेरिकियों की नौकरियां छूटने और विदेशी कामगारों को नौकरी, अलग बातें

ज्ञानमुकन ने कहा कि टेक कंपनियों में एक जैसी नौकरियां नहीं होतीं, इसलिए छंटनी का मतलब सभी मामलों में विदेशी श्रमिक की जगह लेना नहीं होता। हर नौकरी की भूमिका और ज़िम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं। इसलिए ये मानना कि नौकरी खोने वाले की जगह दूसरे को रखा गया, सही नहीं है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारतियों के लिए ग्रीन कार्ड की कतार बहुत लंबी है, जो काफ़ी पुरानी है। जो लोग अभी ग्रीन कार्ड पा रहे हैं, उन्होंने यह आवेदन 2013-2014 में किया था। इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें अभी नई नौकरी मिली है। यह प्रोसेस वर्षों से चल रहा होता है और अधिकांश ग्रीन कार्ड उन्हीं कर्मचारियों को मिलता है जो पहली से काम कर रहे होते हैं।

इमिग्रेशन अटॉर्नी ने विस्तार से बताया कि PERM में अगर किसी कंपनी ने समान वर्ग की नौकरी में पिछले 6 महीने में अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की हो, तो उन्हें सूचित करना अनिवार्य होता है। यह प्रक्रिया अमेरिकी वर्कर्स के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाई गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि छंटनी और वीजा या PERM अप्रूवल एक ही अवधि में हो सकते हैं पर ये जरूरी नहीं कि दोनों का संबंध एक ही नौकरी या व्यक्ति से हो। इसके अलावा, डिपार्टमेंट ऑफ लेबर को полном जांच करने का अधिकार है और यदि कंपनी ने नियमों का उल्लंघन किया हो, तो साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार, फिलहाल की स्थिति में PERM सर्टिफिकेशन पर रोक तथा वर्कर्स की छंटनी को एक साथ जोड़कर देखकर गलत निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। सरकार के आंकड़े सवाल उठा सकते हैं, लेकिन वे अपने आप में जवाब नहीं हैं।

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