दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

गिरफ्तारी और मौत के डर के बावजूद दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना

गिरफ्तारी और मौत के डर के बावजूद दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना

नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार को घोषणा की कि वे गिरफ्तारी और मौत के खतरे को परवाह किए बिना दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाएंगी। वाशिंगटन डीसी में ‘‘सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस’’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुईं हसीना ने कहा कि वह अपने देश लौटने के अपने फैसले पर अडिग हैं।

देश वापसी का संकल्प और जिम्मेदारी

शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने लौटने से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि मुझे मार भी सकते हैं, गिरफ्तार भी कर सकते हैं और प्रताड़ित भी।” उन्‍होंने बताया कि पहले भी उन्हें जेल और प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, लेकिन वह अपने देश वापस आने को जरूरी समझती हैं। उनका कहना है कि यह उनका देशवासी होने का फ़र्ज़ है।

अवामी लीग की प्रमुख हसीना बांग्लादेश से बाहर भारत में रह रही हैं, जबसे 5 अगस्त 2024 को छात्रों के आंदोलन के बाद उनकी सरकार सत्ता से हटाई गई। जुलाई में दिए गए साक्षात्कारों में भी उन्होंने दिसंबर में देश लौटने के इरादे का इजहार किया था। सत्ता से हटाए जाने की दूसरी बरसी पर भी उन्होंने इस योजना को दोहराया।

राजनीतिक आरोप और अमेरिकी फंडिंग पर प्रतिक्रिया

शेख हसीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को USAID की फंडिंग रोकने के लिए धन्यवाद दिया। उनका दावा है कि इससे धनराशि गलत हाथों में नहीं जाएगी। उन्होंने बांग्लादेश की वर्तमान सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का आरोप लगाया। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और जबरन वसूली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की।

दूसरी ओर दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए दिए ऑडियो संदेश में उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें गिरफ्तारी या जेल जाना पड़े, वह अपने लोगों की जिम्मेदारी निभाएंगी। उनके मुताबिक, डर उनकी जिम्मेदारी तय नहीं कर सकता। उन्होंने अपनी वापसी की सही तारीख भी जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया।

हसीना के अनुसार, उनका और अवामी लीग का लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि विकास, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता कायम करना है। जुलाई में उनसे रॉयटर्स और एएफपी ने बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि बांग्लादेश सहित वरिष्ठ पार्टी नेता दिसंबर में अदालतों का सामना करने और आत्मसमर्पण करने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वापसी के बाद उन्हें मौत की सजा भी हो सकती है, लेकिन वह चाहती हैं कि अपनी जमीन पर उसी देश में मरें जहां उनके माता-पिता दफन हैं और जहां उनके लिए खून बहाया गया था। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत के अधिकारियों ने प्रत्यर्पण पर कोई चर्चा नहीं की है और उनकी वापसी का फैसला स्वयं उनका है।

बांग्लादेश के ‘इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल’ ने नवंबर 2025 में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मानवता विरुद्ध अपराधों के मामलों में उनकी अनुपस्थिति में मृत्यु दंड दिया है। हसीना ने इन आरोपों से इनकार किया है और इसे राजनीतिक साजिश बताया है। दोनों सरकारों ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है, जिसे भारत की न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत जांचा जा रहा है।

Source

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!