दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

विदेशों में भारतीय सामान की बढ़ी मांग, एक्सपोर्ट ऑर्डर 6 महीने के हाई पर; अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग PMI घटा

नई दिल्ली, दिल्ली। भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अक्टूबर का महीना मिला-जुला रहा। एक ओर विदेशी बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग मजबूत हुई और निर्यात ऑर्डर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। वहीं दूसरी ओर घरेलू उत्पादन और नए ऑर्डर की रफ्तार में कमी आने से विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर थोड़ी धीमी पड़ गई।

सोमवार को जारी मासिक सर्वे के मुताबिक, HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) सितंबर के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर पहुंच गया। यह आंकड़ा बताता है कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में विस्तार जारी है, लेकिन इसकी गति पिछले महीने के मुकाबले कम हुई है।

छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचे निर्यात ऑर्डर

S&P Global की ओर से तैयार सर्वे में सामने आया कि अक्टूबर के दौरान भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों से मजबूत मांग मिली। इसके चलते निर्यात से जुड़े नए ऑर्डर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।

विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर में बढ़ोतरी भारतीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे घरेलू उत्पादन को समर्थन मिलता है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की मौजूदगी मजबूत होने के संकेत मिलते हैं।

सितंबर के मुकाबले घटा मैन्युफैक्चरिंग PMI

सितंबर में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI 55.1 दर्ज किया गया था। अक्टूबर में यह घटकर 54.7 रह गया। हालांकि, यह अब भी 50 के स्तर से ऊपर है। PMI का आंकड़ा 50 से अधिक होने का मतलब है कि संबंधित क्षेत्र में विस्तार हो रहा है, जबकि 50 से नीचे का स्तर संकुचन को दर्शाता है।

सर्वे के अनुसार, अक्टूबर में उत्पादन और नए ऑर्डर की गति में कमी आने का असर समग्र PMI पर दिखाई दिया।

उत्पादन लागत में वृद्धि हुई कम

मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए लागत के मोर्चे पर राहत की खबर भी सामने आई है। अक्टूबर में उत्पादन लागत में वृद्धि फरवरी के बाद सबसे कम रही। इससे कंपनियों पर बढ़ती लागत का दबाव कुछ कम होने के संकेत मिले हैं।

उद्योग के लिए मिले-जुले संकेत

अक्टूबर के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार जारी है। विदेशी मांग और निर्यात ऑर्डर में मजबूती सकारात्मक पक्ष रहे, जबकि घरेलू उत्पादन की धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!