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आरआई तांडिया के ताण्डव और जीवेंद्र की तरमीम ने पूरे तहसील में फैलाया गन्ध

 

जीव के इंद्र ने लिया इंद्र देव से अभयदान

तांडिया और जीवेंद्र के चहेते राजू और छोटू

बुढार।।

दीपक पाण्डे…

तहसील परिसर में वर्षों से पदस्थ आरआई के खेल से पूरा तहसील गन्ध मार रहा इनकी भूमिका शासकीय जमीन के हेरफेर से लेकर तमाम भूमाफियाओं से गठजोड़ की चर्चा न सिर्फ तहसील बल्कि पूरे नगर में है। आरआई जीव ने इंद्र से ऐसा अभयदान लिया है मानो उन्हें तहसील के किसी जिम्मेदार महकमे का कोई भय नही है। इनकी पदस्थापना पे सवाल उठाया जाए तो पदस्थापना को भी हया आ जाएगी। यानी इनकी मूल पदस्थापना नौकरी नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्त तक का समय बुढार तहसील में ही मानो दे दिया गया हो। शहर की शासकीय भूमि की क्या बिसात, तहसील की भूमि ही तहसील के जिम्मेदार भूमाफियाओं को भेंट चढ़ दिए।

तांडिया का राजू और जीवेंद्र का छोटू …

सूत्र बताते हैं कि तांडिया नामक आरआई किसी राजू नामक भूमाफिया का खास बना है यह राजू कोई और नही बल्कि साईकिल में दूध बेचने से लेकर बाबूगिरी तक मे माहिर रहा है ।जमीन की क्रय-बिक्री में राजू मानो महारथ हासिल किया है जयमंगल सिंह से लेकर कई पटवारियों से अच्छा पैठ बनाकर जमीन को आगे पीछे कराकर राजू आज लाखो से करोड़ो और करोड़ो से अरबो तक पहुंच गया है । राजू के इस जमीन के खेल में कितना हाच पाच हुआ है इसे देखने के लिए कालेज से लेकर सरईकापा,करकटी और आसपास से सटे गाँवों और कॉलेज कालोनी के अंतिम छोर का तमाम नक्शा-खसरा उठाया लिया जाए।
पैसे से लेकर शराब-और शबाब में तहसील के कुछ चिन्हित आरआई पटवारियों से सांठगांठ करके पूरे राजस्व विभाग को टोपी पहनाने का काम करने वाला यह राजू जमीन के गोलमाल और विभाग में बेपर्दा होने के भय से बाबूगिरी छोड़कर जमीन का नटवरलाल बन बैठा।
वहीं अभी कुछ ही दिनों से आरआई जीव को इंद्र का ऐसा आशीर्वाद प्राप्त हुआ है की आरआई अपने मूल काम को छोड़कर मानो छोटू की पैरवी में मशगूल है और छोटू नामक यह शख्स पूरे हाइवे को हाईजैक करके रखा है। आरआई जीव ने इंद्र की कृपा से भूलोक के इस स्वर्ग पे छोटू को एक गज सिकन्दरी वाले माप से आगे की जमीन को पीछे और पीछे की जमीन को आगे कर भूलोक को छोटू के लिए स्वर्ग बना दिया । ऐसा लगता है कि इंद्र का यह जीव कोयलांचल का पूरा भूलोक का सिंहासन छोटू के सौंपने की कवायद में है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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