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कोयले की जुगाड़ में छाई, मिश्रा जी खा रहे लम्बे अरसे से मलाई…..पार्ट-2

 

 

रसूख के आगे दब गया न्याय
शहडोल।।बुढार

कहते हैं कोयले की कालिख में सब काला ही काला है और इसका दाग बड़ी मुश्किल से जाता है खासकर तब जब व्यक्ति खादी पहन लें और उसके ऊपर सफेद रंग का कुर्ता और पजामा; भाई साहब का भी कुछ ऐसा ही मिजाज है, न जाने मुख्यालय के किस भाई साहब की आड़ में मिश्रा जी अभी तक जाँच से बचे हैं और न्याय उनकी दहलीज छूकर चली जाती है या यूं कहें कि न्याय उनकी चौकठ तक पहुँच ही नही पाता।

ऊपर छाई नीचे कोयला,दाल में कुछ काला नही बल्कि पूरा दाल ही काला…

बुढार नगरिया में रहने वाले दबी जुबाँ अपना भद्द न पीटने पर की तर्ज पर हमें कुछ लोगों ने बताया कि प्रेमचन्द्र किसी जमाने मे अपना सफर छाई से शुरू किए थे और उसी छाई के नीचे कोयले का छोटा-छोटा रोड़ा दबाकर उसे कोयला बनाकर बिक्री का काम करते थे खैर उसमें बिलिंग छाई का ही होता था बिकता भले कोयला था । सड़क के किनारे टीलों में पड़े ये छाई भले ही जमीन में जमे रहते हैं किंतु हल्की सी हवा के झोकों से छाई से उड़ने वाले डस्ट और धूल राहगीरों के लिए एक मुसीबत का सबब बन रहता है।

व्यापार को ढंकने के लिए राजनीति भी….

धीरे-धीरे इनके किस्मत ने करवट ली और फिर भाजपा की सक्रिय राजनीति में एंट्री कर गए हलाकि सूत्र बताते हैं कि श्री मिश्रा पहले से ही भाजपामय नेता थे किंतु पार्टी का सत्ता में आने के बाद श्री मिश्रा की पकड़ और मजबूत हो गई और रसूख ऐसा हो गया कि न्याय भी इनसे न्याय पाने में हया करता है।

यह है पूरा मामला….

आज से तकरीबन 7-8 माह पहले शहर के छाई व्यवसायी प्रेमचन्द्र मिश्रा की शिकायत जमीन कब्जा करने और धोखाधड़ी करने की शिकायत हुई थी जिसमे फरियादी पूर्ण रूप से न्याय न पा सका और आज भी उसके मन मे कई सवालों ने घर कर रखा है…
जैसे प्रेमचन्द्र मिश्रा द्वारा हत्या के झूठे केस में फंसाने का प्रयास किया उसमें रवि रजक का बयान दर्ज हुआ कि नहीं।
2-आखिर वह कौन है जिसके साथ बलात्कार जैसे घिनौने आरोप मिश्रा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया।
संगठन में ऊंचे स्तर पर कौन पदाधिकारी है जो प्रेमचन्द्र मिश्रा को बचाता है तथा हर गलत कार्य में मदद करता है।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले लड़की के बयान दर्ज हुआ कि नहीं ऐसे और भी सवाल और संशय हैं जो न्याय की दहलीज पर आकर दस्तक दे रही हैं पर उसके दरवाजे इतने सख्त हैं कि वहाँ आम आदमी सहजता से नही पहुंच पाता ।

प्रार्थी जूली रजक ने उक्त व्यक्ति की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए लिखा था कि प्रेमचन्द मिश्रा निवासी बुढ़ार द्वारा अपने काली कमाई के दम पर अपने मजदूरों एवं कारिंदों के जरिए झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए निरन्तर थाने में आवेदन दिलाना व उन्हें भयभीत करना के सम्बंध में जूली रजक ने लिखा कि मेरे पति रविकुमार रजक आत्मज हीरालाल रजक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्वयंसेवक होकर सरस्वती शिक्षा परिषद शहडोल का सचिव व सरस्वती शिशु मंदिर बुढ़ार के व्यवस्थापक हैं। प्रेमचन्द मिश्रा कोयले की छाई व केशर प्लांट का संचालक है तथा छाई की आड़ में एक लंबे समय से चोरी के कोयले का अवैध नै व्यवसाय करता है। इसके उक्त व्यवसाय में कई गरीब मजदूर पुरूष व महिला काम करती हैं।
प्रेमचन्द मिश्रा ने राष्ट्रीय राज मार्ग से लगी अपने स्वामित्व की ग्राम पकरिया स्थित आराजी ख. नं. 461/22क व 461/22 ख के अंश स्कंवा का मुआवजा प्राप्त कर लेने के उपरान्त अपने पट्टे से अधिक रकवे की आराजी में अपना केशर प्लांट संचालित कर रहा है। और रोड के उत्तर दिशा में स्थित मेरी सासू पार्वती रजक के स्वामित्त की आराजी में कब्जा कर वहीं छाई एवं पत्थर एकत्रित कर दिया। उक्त बात को लेकर मेरे द्वारा प्रेमचन्द मिश्रा की शिकायत की गई तथा जमीन के का मुकदमा अपर कलेक्टर के न्यायालय में चल रहा है। प्रेमचन्द मिश्रा भरतीय जनता पार्टी के कुछ संगठन प्रमुख से संबंध होने का नाजायज लाभ लेकर मुझे करीब कई वर्षों से प्रताडित कर रहा है, उसके द्वारा अपने कर्मचारियों के माध्यम से मुझे एवं मेरे परिवारजन को जघन्य अपराधिक मुकदमे में फंसाने का निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार मेरे पत्ति अपराधिक प्रकरण का शिकार हुए और उनको अपर सत्र न्यायाधीश बुढ़ार के न्याययलय से अग्रिम जमानत मिली जिसके चलते वे जेल आने से बचे। प्रेमचन्द मिश्रा ने पहले उसके केशर प्लांट में हुए हत्या के प्रकरण में फंसवाने का प्रयास किया तथा अपने महिला मजदूर से बलात्कार के मामले में फंसाने का प्रयास किया। परन्तु थाना पुलिस की सूझ-बूझ से मेरे पति बचे क्योंकि थाने में महिला ने मेरे पति की पहचान नहीं की। किन्तु जब उन्हें षड्यंत्र कर जघन्य मुकदमें में फंसाने की तैयारी प्रेमचन्द मिश्रा द्वारा किया जा गया और मेरे पति एवं मेरे देवर बाबूलाल रजक को भी उसमें शामिल करने की योजना की गई मेरा परिवार काफी भयभीत है कि कहीं प्रेमचन्द मिश्रा आगामी भविष्य में अपने काली कमाई व सत्ता पक्ष के लोगों की मदद से मेरे परिवार को घृणित व जघन्य बलात्कार जैसे मामलों में अपने किसी महिला कर्मचारी के माध्यम से फंसा देगा तो समाज के सामने हम मुँह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगें। इसलिए मैं यह आवेदन अपने व अपने परिवार जन के रक्षार्थ श्रीमान को देकर प्रार्थना करती हूँ कि मेरे व मेरे परिवार के सदस्य पति एवं देवर। वर्तमान में मैं वार्ड क्र. 15 नगर पालिका परिषद बुढ़ार की पार्षद हूँ के विरूद्ध कोई शिकायत अथवा रिपोर्ट की जाती है तो पहले उसकी गहनता से सत्यता की जाँच करने के उपरान्त ही अग्रिम कार्यवाही की जाए।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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