दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

न नदी की सरहद, न रेत का सीमांकन’ यहाँ मेसर्स एसोसियेट का आगमन

 

एसोसिएट कामर्स की खुदाई और खनिज की दुहाई

कहीं की रेत कहीं की निकासी,खनिज विभाग भी कर रहा खिलवाड़

हत्याओं से भी नही सीख ले रहा प्रशासन

ईशा ने चढ़ाया शीशा, तो आशा से नही कोई आस’

अनूपपुर।।

विनय मिश्रा...

शहडोल जिले में पटवारी और पुलिस की हत्या ने खनिज उत्खनन और माफियाओं के आतंक का एक नमूना पेश किया साँथ ही इसके लिए कई नियम- कानून उजगार किए किन्तु विभाग फिर भी ऐसे नियम कानून से सीख नही लेता।
अभी हाल ही में कटनी में स्थित रेत कम्पनी मेसर्स फेयर ब्लैक इंफाटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को न्यायालय ने 7 करोड़ का जुर्माना ठोका है किंतु शहडोल सम्भाग के अनूपपुर ट्राइबल जिला में सब कुछ जायज है जहाँ लीज क्षेत्र से हटकर काम करने वाली कम्पनियों और प्रबधंक पर शहडोल प्रशासन ने एफआईआर दर्ज किया है वहीं इसी कड़ी में कटनी में कलेक्टर एक्शन मोड़ पर आए और अवैध रेत खनन पर लम्बाई, चौडाई और गहराई की सीमा नाप डाले, अनूपपुर में ईशा ने इस काम को न देखने के लिए चश्मा चढ़ा रखा है तो आशा से मानो कोई आस नही है ऐसे में शहडोल जैसी घटनाओं के बाद इनका चेतन्नी जागना इनके अपने कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करता है। पहले अमन सेठी कम्पनी ने अनूपपुर में मनमाना रेत निकालने का काम किया उसके बाद अब जिले में ठेकेदार एसोसिएट भी उसी नक्शे कदम पर चल रही है।

लीज से हटकर उत्खनन…

मानपुर,चंगेरी रेत खदान में क्षेत्र के बाहर जा कर लगातार रेत की खुदाई जारी है। वही एनजीटी के कायदे तो सिर्फ कोर्ट पहुँचने पर ही स्पष्ट होते हैं यानि धरातल पर एनजीटी सिर्फ एक कानून व्यवस्था के अलावा कुछ नही।
नदी की धार के बीचोबीच सड़क निर्माण कर पानी के भीतर से रेत का उत्खनन कर रहा है तो दूसरी तरफ लगातार मौत के कुएं नदी में खोद रहा है कुछ वर्ष पहले इसी खनन से जन्मे एक कुऍं ने तीन मासूम की बच्चों की बलि ले ली थी।

न नदी की सरहद न  सीमांकन का चिन्हांकन…

सूत्रों ने बताया कि खनिज विभाग सीमांकन में किस नियम कायदों का प्रयोग किया है कि रेत ठेकेदार नदी के उस अंतिम छोर तक रेत निकालनी शुरू कर दी जबकि नियमतः
अगर सीमांकन हो जाये तो रेत ठेकेदार के द्वारा किये गए अवैध उत्खनन का मामला पंजीबद्ध करते हुए उत्खनन में लगी एनजीटी कानून में लिखे हुए नियम तो पोकलेन और भारी मशीनों का नदी में प्रवेश वर्जित है किन्तु यहां नदी की चलित जलधारा चाहिए में पोकलेन का खंजर घुसेड़ कर नदी से रेत निकाला जा रहा है रेत ठेकेदार को खदान कितना रकबा खनन स्वीकृत है कितना निकल रहा है का उल्लेख भी नही है और न ही चिन्हांकित किया गया नतीजतन रेत ठेकेदार रेत माफिया की तर्ज पर नदी के इस किनारे से उस किनारे तक रेत का उत्खनन कर रहा है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!