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सीमा का लाभ उठाकर मनीष कर रहा रेत में उठापटक

 

कम्पनी के कार्य पर मनीष का दखल

मप्र-छग सीमा का ले रहा लाभ

 छग की टीपी मप्र में हो रहा व्यापार

अगर प्रशासन नही दिया ध्यान तो कम्पनी सरेंडर कर देगी खदान

ब्यौहारी की तर्ज पर कम्पनी से बढ़कर यहाँ माफिया का कद

अनूपपुर।।

अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील में रेत खदान को लेकर मुँडाफोडी जारी है। मैसर्स एसोसियेट फर्म 15 करोड़ से ऊपर सरकार से लीगल ठेका लेकर जिले में दस्तक दी है ताकि आमजन मानस को सुगमता से रेत प्राप्त हो सके और सरकार के राजस्व में बढोत्तरी हो ताकि विकास के नए-नए सोपान रचे जा सके किन्तु सरकार के इस मंशा पर कथित रेत माफिया पानी फेर रहा है । मनीष न सिर्फ कम्पनी के काम मे हस्तक्षेप कर उन्हें खदान छोड़ने पर विवश कर रहा है अपितु मप्र और छग की सीमा का लाभ उठाकर यानी केल्हारी से रेत उठाकर अनूपपुर जिले में बेचने का कार्य कर रहा है।
इस कारोबार में मनीष का एक अलग ही हथकंडा काम आ रहा है सूत्रों की माने तो मनीष एक मैन्युअल टीपी और निश्चित समय लेकर लोकल क्षेत्रो में रेत खपा रहा है जिसका असर सीधे या प्रत्यक्ष रूप से  ठेका कम्पनी के ऊपर पड़ रहा है।

खदान हैंड ओवर पर सरकार को झटका…

रेत को लेकर यही सब विवाद होता रहा और कम्पनी को शासन-प्रशासन का सहयोग नही मिला तो वो दिन दूर नही जब कम्पनी सरकार को खदान हैंड ओवर कर देगी जिससे माफियाओं की मारफत हो जाएगी और मनीष जैसे कथित व्यापारी पुनः नदी नालों में अपना अधिपत्य जमाकर बैठ जाएँगे और पुनः चोरी की रेत बाजार में बिकने लगेगी जिससे न सिर्फ सरकार बल्कि रेत से जुड़े सरकारी मुनाफे से होने वाले सैकड़ो विकास कार्य शून्य पड़ जाएगे।

कथित रेत माफिया की पुरानी करतूत…

आम जनता के विकास में रोड़ा बनने वाले कथित कारोबारी मनीष के पुराने आंकड़े उठाएँ तो प्रशासन भी चित्त हो जाए कथित व्यक्ति न सिर्फ आफ रिकार्ड थाने और वर्दी के काम को प्रभावित करता है बल्कि उन्हें अपने जेब मे रखने का दावा भी करता है
रेत से जुड़े वर्षों के इस कारोबार में मनीष छत्तीसगढ़ के केल्हारी में चल रहे रेत स्टॉक की मेन्युअल रॉयल्टी पर्ची के नाम पर अजीबो गरीब खेल खेल रहा है। 1 रॉयल्टी पर्ची पर 3-4 ट्रिप लगाते है कोतमा के सभी गाड़ी मालिकों को अपने नाम पर डिस्काउंट दिलाकर शहडोल उमरिया की 8-9 घंटे की रॉयल्टी दिलाकर अवैध तरीके से रेत निकालते है। केलाहारी स्टॉक, नदी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर है जिससे रात में मप्र की सीमा से उस स्टॉक में रोजाना रेत उड़ेल दिया जाता है इस ओर सम्बंधित थाना और प्रशासन भी ध्यान नही दे रहे हैं ताकि आगामी किसी मुठभेड़ को रोका जा सके।
सूत्र बताते हैं कि कथित व्यक्ति 2005 के आसपास जिला बदल भी रह चुका है जिससे भविष्य में किसी बड़ी घटना के संकेत को मनाही नही किया जा सकता।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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