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सावधान!पीलिया-टायफाइड के प्रकोप से जकड रहा पूरा शहर,उठाएँ ये कदम

डेस्क…स्वास्थ्य

 

मौसम में खराबी और असमय बारिश के कारण मौसम ने एक बार फिर करवट बदला है और समय से पहले ही गर्मी अपने शबाब पर है।ऐसे में चिकित्सक से लेकर चिकित्सालय तक पीलिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। फरवरी माह में शहडोल जिले के सिर्फ धनपुरी नगर के सरकारी अस्पताल में 50 मामले आए थे जिसमे अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल में भर्ती मरीजों में 5 से 15 वर्ष के बच्चे शामिल हैं, जिन्हें या तो टायफाइड या पीलिया या फिर दोनों से ग्रसित लोग मिले। इसके लिए प्रबंधन ने पानी के सैम्पलिंग भी लिए थे माना जा रहा है कि टायफाइड और पीलिया दोनों यकृत की बीमारी हैं और दोनों ही दूषित पानी के कारण होता है।

लक्षण ,कारण व बचने के उपाय…

इस बीमारी से बचने के
लक्षण , तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त,त्वचा और आँखों का पीला पड़ना, थकान और भूख न लगना है।
●इस बीमारी का मुख्य कारण है दूषित पानी और भोजन इसलिए शुद्ध पानी और उबला हुआ पानी ही पिएँ।
●पानी को उबालकर पीना.
साफ-सफाई का ध्यान रखना.
●बाहर का खाना खाने से बचना.
●बासी खाना न खाना.
खाना खाने से पहले हाथों को धोना.
●कटे हुए फल या खुली हुई खाद्य सामग्री का सेवन न करें.
●फल व सब्जी को साफ पानी से धोएं.
●बाजार में बिकने वाले बर्फ का इस्तेमाल नहीं करें.
●खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं.
उपचार…..
टाइफाइड में एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं, जबकि पीलिया में यकृत को आराम देना और तरल पदार्थ का सेवन करना महत्वपूर्ण है.
अगर आपके परिवेश या आपके घर मे किसी भी सदस्य को ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो जल्द ही उसे किसी अच्छे चिकित्सक को दिखाएँ।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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