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मिल गया भारत का सबसे गरीब व्यक्ति जिसकी आय 3 रुपये है..!

मिल गया भारत का सबसे गरीब व्यक्ति जिसकी आय 3 रुपये है..!
डेस्क…

वैसे भारत और मध्यप्रदेश में गरीबी के आँकड़े अलग-अलग हैं जहाँ गरीबी का अपना एक पैमाना है, मीडिया और अन्य स्रोतों की मानें तो भारत के 7 करोड़ से ज्यादा लोग दिनभर में 62 रुपये भी कमा नहीं पाते। यानी एक समृद्ध देश की बराबरी का एक हिस्सा या फिर कहें कि ब्रिटेन जैसे एक पूरे देश की आबादी भारत में ऐसी है, जो बहुत ज्यादा गरीबी में संघर्ष कर रहा है।

योजना आयोग ने गरीबी की नई परिभाषा दी है। इसके मुताबिक शहरों में हर रोज़ प्रति व्यक्ति 28 रुपये 65 पैसे कमाने वाले और गांवों में 22 रुपये 42 पैसे रोज कमाने वाले गरीब नहीं माने जाएंगे।
पर क्या देश के मध्यप्रदेश राज्य की ऐसी स्थिति हो गई है जहाँ एक व्यक्ति की आय मात्र 3 रुपये है।न्यूज पढ़कर आपका दिमाग चकरा जाएगा पर ये हकीकत कहीं और कि नही बल्कि मध्यप्रदेश में स्मार्ट सिटी कही जाने वाली सतना जिले की है जहाँ रोजगार और बेरोजगारी का आलम ये है कि एक व्यक्ति की सालाना आय 3 रु है।

 

मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक किसान को जारी किया गया आय प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उसकी सालाना आय ₹3 बताई गई थी हलाकि इसे मजाकिया तर्ज पर गलत जानकारी मान लिया गया है, पर क्या 62 रु का आंकड़ा भी गलत है शायद नही; मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी तहसील के नयागांव गांव में रहने वाले किसान रामस्वरूप 45 वर्ष को जारी किया गया एक आय प्रमाण पत्र इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है इस सर्टिफिकेट में उनकी वार्षिक आय सिर्फ ₹3 दर्ज है यानी 25 पैसे प्रति माह, जिसने उन्हें इंटरनेट पर ‘भारत का सबसे गरीब आदमी’ का तमगा दे दिया. प्रमाण पत्र पर 22 जुलाई की तारीख और तहसीलदार के हस्ताक्षर दर्ज हैं जैसे ही यह सर्टिफिकेट वायरल हुआ, नेटिज़न्स ने रामस्वरूप को भारत का सबसे गरीब व्यक्ति बना दिया (‘India’s Poorest Man’)
वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आया और 25 जुलाई को नया प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें किसान की वार्षिक आय ₹30,000 (₹2,500 प्रति माह) बताई गई है।

नीति आयोग रिपोर्ट्स की मानें तो मध्य प्रदेश में पाँच वर्षों में गरीबों की संख्या में 15.94% की कमी दर्ज की गई है। गरीब व्यक्तियों की संख्या 2015-16 में 36.57% से घटकर 2019-21 में 20.63% हो गई है

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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