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SECL में सरफेस- अंडरग्राउंड के नाम पर गोरखधंधा! कोयला खदानों में फर्जीवाड़ा,

SECL में सरफेस- अंडरग्राउंड के नाम पर गोरखधंधा!
कोयला खदानों में फर्जीवाड़ा,

 

शहडोल।

विनय मिश्रा…

दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में अंडरग्राउंड खदानों के नाम पर भर्ती हुए मजदूरों को सरफेस में काम पर लगाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस गड़बड़ी से न सिर्फ उत्पादन पर असर पड़ रहा है, बल्कि कंपनी को “माइनस” में नुकसान भी दिखाया जा रहा है।
जानकार बताते हैं कि अंडरग्राउंड खदानों में काम करने वाले मजदूरों को कागजों पर तो अंडरग्राउंड की नौकरी दी जाती है, लेकिन हकीकत में उन्हें सरफेस पर लगाया जा रहा है। इससे अंडरग्राउंड खदानों में आवश्यक श्रमिकों की कमी हो रही है और उत्पादन लक्ष्य पूरे नहीं हो पा रहे। नतीजतन, रिपोर्ट में माइनस आंकड़े सामने आ रहे हैं।

दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में सरफेस और अंडरग्राउंड खदानों के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खेल सामने आ रहा है। आरोप है अंडरग्राउंड खदान में काम करने वालो को नेताओं और चंद अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है जिससे उन्हें अंडरग्राउंड माइंस न भेजकर कि सरफेस में ही रखा गया है पूरे दिन में गिनती की चाकरी कर साहब और नेताओं की जी हजूरी में मस्त होकर मासिक वेतन का लुत्फ उठा रहे हैं। इस खेल से माइंस की साख पर बट्टा तो लग ही रहा है, साथ ही सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, कोयला खदानों में लगभग सभी माइंस अन्तर्गत दर्जन भर ऐसे मजदूर हैं जिन्हें यूजी माइंस में नौकरी मिल है किंतु वो सरफेस में नौकरी कर रहे हैं के और इनकी उपस्थिति फर्जी तरीके से यूजी माइंस में ही दिखाया जाता हैं। सूत्रों का कहना है कि मजदूरों का इस सरफेस और अंडरग्राउंड में नौकरी करने का यह धंधा लंबे समय से जारी है और इसमें अधिकारियों व कुछ मजदूर संघ के नेताओं की सीधी मिलीभगत है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि मजदूर नेताओं और प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह गोरखधंधा फल-फूल रहा है। यूजी के स्थान पर कार्यरत मजदूरों द्वारा उत्पादन के नाम पर जीरो राजस्व माइंस को जाता है जिससे माइंस का प्रत्यक्ष तरीके से राजस्व चोरी का हो रहा है।
जानकारों की मानें तो SECL प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह का खेल प्रबंधन की आंखों के सामने हो रहा है और प्रबंधन खामोश हैं।
स्थानीय लोग भी कह रहे हैं कि यह खेल वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब परतें खुलने लगी हैं। यदि प्रबंधन इसकी पारदर्शी जांच कराई तो अंडरग्राउंड और सरफेस का यह लंबे समय से चल रहा खेल माइंस को राहत तो देगा ही सांथी ही करोड़ो रूपये के राजस्व नुकसान होने से बचेगी।
फिलहाल SECL प्रबंधन इस मामले में खामोश है, लेकिन अंदरखाने हलचल तेज हो गई है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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