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मंच पर मौजदू थे मुख्यमंत्री,भाजपा पुत्र ने गिना दी सरकार की नाकामियाँ

मंच पर मौजदू थे मुख्यमंत्री, भाजपा पुत्र ने खोल दी भाजपा की नाकामी के पुलिंदे
इंदौर।

मप्र के इंदौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में इंदौर नगर निगम के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भाषण दे रहे हैं भाषण में उन्होंने केंद्र सरकार की खूब आलोचना की दिलचस्प बात ये थी कि इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, स्थानीय बीजेपी विधायक और मेयर पुष्यमित्र मौजूद थे।
संघमित्र ने जब केंद्र सरकार की आलोचना शुरू की, तो मंच पर उपस्थित भाजपा नेता एक-दूसरे की ओर देखने लगे इस दौरान सीएम मोहन यादव मुस्कुराते हुए दिखे संघमित्र के भाषण पर खूब तालियां बजीं उसके बाद मुख्यमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया भी दी।

आपको बता दें कि देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में हुए स्व. निर्भय सिंह पटेल स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता का था संघमित्र को इसमें विपक्ष की भूमिका दी गई थी वो इस प्रतियोगिता के विजेता बने जब उनको पुरस्कार दिया जा रहा था, तब उनसे भाषण देने को कहा गया इसके बाद उन्होंने कहना शुरू किया…
ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आलम ये है कि हर साल 50 लाख से ज्यादा लोग टिकट लेकर भी यात्रा नहीं कर पाते वादा था कि 2022 तक अहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन दौड़ेगी, लेकिन 2025 आ गया और बुलेट ट्रेन सरकार के पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन से बाहर नहीं आ पा रही है। जमीन अधिग्रहण में करोड़ों रुपए खर्च हुए, घोटाले हुए, लेकिन बुलेट ट्रेन हकीकत में नहीं आई।
सरकार दावा करती है कि कवच तकनीक से रेल हादसे रुकेंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग रेल हादसों में मारे गए. जब रेल पटरी से उतरती है, तो सिर्फ डिब्बे नहीं टूटते, एक मां की गोद सूनी होती है, बच्चे का भविष्य अंधेरे में डूबता है और बूढ़े पिता की आखिरी उम्मीद छिन जाती है।
संघमित्र ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए संघमित्र ने आगे कहा,स्टेशन रिडेवलपमेंट की बात होती है सरकार ने कहा था कि 400 स्टेशन, एयरपोर्ट जैसे बनेंगे लेकिन सिर्फ 20 बने वहां भी शिकायतें हैं कि चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही है।

CAG की 2022 की रिपोर्ट बताती है कि स्टेशन निर्माण के लिए स्वीकृत 1.25 लाख करोड़ रुपये में से 80 प्रतिशत परियोजनाएं अधूरी हैं. सुरक्षा के लिए 78 प्रतिशत बजट डायवर्ट कर दिया गया.

इकोनॉमिक टाइम्स की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, 300 करोड़ रुपए की कैटरिंग एक ही कंपनी को दे दी गई सरकार कहती है ‘सबका साथ, सबका विकास,’ लेकिन रेलवे में हो रहा है दलाल का साथ, निजीकरण का विकास और जनता का विनाश।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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