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सार्वजनिक शौचालय के सामने ही उड़ेल दिया कचरे का ढेर

पँचायत ने नही किया हस्तक्षेप

 

शहडोल।।

● सार्वजनिक शौचालय के पास कचरे का अंबार
●गंदगी-बदबू से महिलाओं व बच्चों को भारी परेशानी
● मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ा
● पंचायत शिकायतों के बाद भी बेखबर
● पंच-उप सरपंच ने चेताया—नहीं सुधरे हालात तो करेंगे विरोध
मप्र सरकार ही नही बल्कि केंद्र सरकार भी स्वछता पर सख्त है और स्वच्छता को लेकर तमाम दावे, होर्डिंग बैनर टीवी, रेडियो पर स्वच्छता सम्बन्धी प्रसारण भी होते हैं किंतु स्थानीय स्तर पर इसका कितना पालन हो रहा है यह तो जिम्मेदार ही बता सकते हैं।
ग्राम पंचायत में कचरे के संग्रहण के लिए बीते वर्ष सरकार ने गाँवो में नाडेप निर्माण की नींव रखी ताकि गाँव-मुहल्ले में एकत्रित होने वाले कचरे का ढेर उस नाडेप में फेंका जा सके पर नाडेप में संग्रहित कचरा क्या सार्वजनिक शौचालय के सामने ही संग्रहण किया जाए यह बड़ा हास्यपद लगता है और इस बात से ग्राम पंचायत के जिम्मेदार बेखबर हैं यह बात हास्यास्पद से भी बड़ा हास्यपद  लगता है।

सार्वजनिक शौचालय को बना दिया कचरा घर

ग्राम पंचायत सरईकापा के सार्वजनिक शौचालय के पास कचरे का अंबार लग गया है।
“एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा” अरसों से संचालित सार्वजनिक शौचालय का अपना अलग शान है यानी एक तो आज तक शौचालय का दरवाजा नही खुला और उसके सामने कूड़े का ढेर उड़ेल दिया गया है।बदबू और गंदगी से आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है। महिलाओं और बच्चों के लिए शौचालय का इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है।
गाँव के पंच,उप सरपंच स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद ग्राम पंचायत के जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। कचरे के ढेर से मच्छरों और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

पंचायत में अनाप-शनाप बिल

पंच,उप सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत का कोई भी काम बिना कमीशन और दलाली के नही होता सारे विकास कार्यो में अनाधिकृत व्यक्तियों का हस्तक्षेप है किसी को प्रभार कहीं और का मिला है और वो आफ रिकार्ड ग्राम पंचायत सरईकापा का जिम्मा उठाए बैठे हैं यही नही हाल ही में आयोजित स्वंतन्त्रता दिवस के अवसर के नाम से यहाँ-वहाँ बिल लगाए गए हैं जिसका आन रिकॉर्ड कोई डाटा नही है और ग्राम पंचायतों में खुली इस प्रकार के भ्रष्टाचार और धांधली पर समय आ गया है जब कलेक्टर को कार्यवाई करने की आवश्यकता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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