दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

हॉस्टल अधीक्षक निगल गया छात्रों का भोजन और व्यवस्था

 

अँगूठा लगवाकर शिशु-वृत्ति भी आहरित — छात्र परेशान, विभाग मौन

विनय मिश्रा…

शहडोल।।

शहडोल जिला मुख्यालय अन्तर्गत शिक्षा विभाग और ग्राम पंचायतों की अपनी एक मोनोपल्ली है जो प्रदेश स्तर तक चर्चा के विषय रहा चुके हैं।इसी कड़ी में जिला मुख्यालय के छात्रावास में अव्यवस्थाओं और गबन का गंभीर मामला सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल अधीक्षक ने महीनों से न तो भोजन की व्यवस्था ढंग से की और न ही छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा। इसके उलट, अधीक्षक खुद छात्रों के नाम पर मिलने वाली राशि को अँगूठा लगवाकर निकालता रहा।

छात्रों को मिलता था अधपका खाना, राशन गायब

जनपद बुढ़ार अन्तर्गत बरगवां- 24 हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि राशन तो आता है, लेकिन थाली में अक्सर अधपका या कम मात्रा में भोजन ही मिलता है। आरोप यह भी है कि राशन की बोरियाँ आते ही आधी रात को ही गायब हो जाती हैं, लेकिन विभाग को इसकी खबर तक नहीं लगती।

शिशु-वृत्ति का ‘अवैध आहरण’

सबसे गंभीर आरोप यह है कि अधीक्षक छात्रों से अँगूठा लगवाकर, उनके खाते में आने वाली शिशु-वृत्ति और अन्य छात्रवृत्ति की राशि को स्वयं निकाल लेता था। बीते महीने अधीक्षक ने 5 नाबालिग छात्रों के खाते से अँगूठा लगवाकर 5900 रु आहरण किए छात्रों के पास ठंडी में न ही कम्बल और न ही उनके पास गणवेश हैं सबसे बड़ी बात महीने के मिलने वाले गुजारे को अधीक्षक निगल गए जिससे उन्हें साबुन तेल के लाले पड़े हैं।

कई विद्यार्थियों ने बताया कि जब भोजन और छात्रवृत्ति को लेकर उन्होंने पूछताछ की, तो अधीक्षक ने उन्हें बोला जाओ जहाँ शिकायत करना है कर दो यही कारण है कि अधिकांश छात्र डर के चलते चुप रह गए।

मामला उजागर होने के बावजूद जिला शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग दोनों ही कार्रवाई को लेकर मौन हैं। यह सवाल अब उठ रहा है कि क्या अधीक्षक को विभागीय संरक्षण प्राप्त है? हॉस्टल की जाँच कब होगी? छात्रों के हक का पैसा वापस दिलाया जाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दम तोड़ देगा?
छात्रों की साफ मांग — अधीक्षक पर FIR, पैसे की वसूली और हॉस्टल की व्यवस्था में तत्काल सुधार।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!