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कमला के राज में हर दूसरा आदमी लकड़ी माफिया

कमला के राज में हर दूसरा आदमी लकड़ी माफिया
जंगल बचाने की बजाय सौदों की मंडी बना विभाग
सीसीएफ की टीम कर रही कार्यवाही, दक्षिण वनमण्डल अधिकारी गहरी निद्रा मे

शहडोल।।

शहडोल दक्षिण वनमंडल के हालात इन दिनों किसी से छुपे नहीं हैं। डिप्टी रेंजर कमला वर्मा के राज में जंगलों का माहौल ऐसा बन गया है कि मानो हर दूसरा आदमी लकड़ी माफिया बन बैठा हो। जिम्मेदारी का बोझ लिए बैठे अधिकारी की खामोशी और ढिलाई ने वन विभाग को जंगल बचाने वाली संस्था से अधिक ‘‘लकड़ी व्यापारियों’’ की शरणस्थली बना दिया है। नतीजा यह कि बीट क्षेत्र हो या रेंज का इलाका, हर तरफ अवैध कटाई और परिवहन की खुलेआम होड़ लगी है। जहाँ नकली टीपी का कारोबार और विभाग की मिलीभगत से लकड़ी का खेल और शहर में लकड़ी माफियाओं की तादाद में वृद्धि हुई है ओपीएम से लेकर बुढ़ार और अलग-अलग कोने में लकड़ी माफिया कुकुरमुत्ते की तरह फैले हैं जो किसानों से थोक के भाव लकड़ी का सौदा करके विभाग की टीपी को पंचायत के हस्तलिखित कागज को ढाल बनाकर दोगुने दाम में बेंच रहे हैं।
विभाग सोता है और जागते हैं लकड़ी माफिया

रात होते ही जंगलों से निकलते ट्रैक्टर, पिकअप और डंपर मानो यह साबित करने निकलते हैं कि कानून सिर्फ कागजों में है, जमीन पर नहीं। कई वाहन बिना नंबर के, कई पर राजनीतिक संरक्षण की परछाईं, और कुछ पर वनकर्मियों की चुप्पी का आशीर्वाद। ग्रामीण बताते हैं कि शिकायत करने पर उल्टा वनकर्मियों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। हालात यहाँ तक पहुँच चुके हैं कि बीट की सीमाओं में कौन सा पेड़ कितना खड़ा है, विभाग को इस बात का भी सही हिसाब नहीं।
वन परिक्षेत्र बुढ़ार में परिक्षेत्र सहायक कमला वर्मा की कार्यशैली पर लग रहे आरोपों का दायरा बढ़ता जा रहा है। न सिर्फ लकड़ी माफिया सक्रिय हैं, बल्कि कई जगहों पर अवैध लकड़ियों का सौदा और सांठगांठ बताते हैं कि कमला वर्मा की माफियाओं से क्या सेटिंग है। विभागीय निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है, और कमल वर्मा के संरक्षण में माफिया दिनरात लकड़ी का स्वाद ले रहे हैं।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि हालात ऐसे ही रहे, तो आने वाले वर्षों में जंगल खत्म होने का खतरा वास्तविकता बन जाएगा। सवाल उठ रहा है—जब पहरेदार ही सौदों में व्यस्त हो जाए, तो जंगलों की रक्षा कौन करेगा?

लकड़ी माफियाओं पर कार्यवाही

मुख्य वन संरसक अनुपम सहाय एवं वन मण्डलाधिकारी का दक्षिण शहडोल के निर्देशन में दिनाँक 07/12/2025 को रात्रिकाल में गश्ती के दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर नीलगिरी प्रजाति की लकड़ी अवैध परिवहन करते MPS4GA0260 अमलाई ओपीएम पेपर मिल गेट के पास जप्त किया गया जिसमें वाहन चालक मौके से फरार हो गया परिवहन को अन्य वाहन चालक की सहायता से वन परिक्षेत्र बुढ़ार में सुरक्षित खड़ा कराया गया। तथा वन अपराध प्रकरण के 20408/18 पंजीबद कराया।इस पूरी कार्यवाही के लिए परिक्षेत्र सहायक कमला वर्मा को मौके पर बुलाया गया किंतु कमला वर्मा नही आए और न ही उन्होंने इस कार्यवाही में कोई भूमिका निभाई सूत्र बताते हैं कि लकड़ी माफियाओं के चहेते कमला वर्मा अपने चहेते लकड़ी माफियाओं को सूचित भी कर दिए थे जिसमें बुढ़ार और चचाई के दो चर्चित लकड़ी माफिया विभाग पर दबाव भी बनाने गए किन्तु विभाग के सामने माफियाओ की एक भी न चली और विभाग ने दमदारी से करवाई की।
उक्त अवाई में उड़नदस्ता प्रभारी शिवपूजन त्रिपाठी, वनरक्षक रामनरेश पटेल, शुभम तिवारी तथा प्रिंस मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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