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हॉस्टल अधीक्षक के भ्रष्टाचार पर विभाग की चुप्पी

आहरण के बाद कौन बचा रहा अधीक्षक को

छात्रों का शिशु वृत्ति आहरण, छात्रावास में ही पहुंचता था कियोस्क संचालक

शहडोल

शहडोल जिला मुख्यालय अन्तर्गत शिक्षा विभाग और ग्राम पंचायतों की अपनी एक मोनोपल्ली है जो प्रदेश स्तर तक चर्चा के विषय रहा हैं। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय के छात्रावास में अव्यवस्थाओं और गबन का गंभीर मामला सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल अधीक्षक ने महीनों से न तो भोजन की व्यवस्था ढंग से की और न ही छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा। इसके उलट, अधीक्षक खुद छात्रों के नाम पर मिलने वाली राशि को अँगूठा लगवाकर निकालता रहा।
ऐसा नही है की इसकी जानकारी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को नही है किंतु उनके द्वारा इस भ्रष्टाचार को लीपापोती करने का नायाब तरीका ढूँढा जा रहा है और सप्ताह बीतने को हैं पर भ्रष्ट अधीक्षक पर सहायक आयुक्त से लेकर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही किए इससे साबित होता है कि किस प्रकार जमीनी भ्रष्टाचार पर वरिष्ठ अधिकारियों का खुला संरक्षण है।

यह है पूरा मामला…

जनपद बुढ़ार अन्तर्गत बरगवां 24 हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि राशन तो आता है, लेकिन थाली में अक्सर अधपका या कम मात्रा में भोजन ही मिलता है। हॉस्टल में मिलने वाले तमाम सुविधाओं से छात्र अधीक्षक के कारण वंचित हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि अधीक्षक छात्रावास में कियोस्क संचालक को लाकर छात्रों से अंगूठा लगवाकर उनके खाते से राशि आहरण कर लिया।
शिशु-वृत्ति की इस राशि से छात्रों को मिलने वाली दैनिक सुविधाओं और मासिक जरूरत से छात्र महरूम हो गए और इस आहरण को हॉस्टल अधीक्षक मनमानी तरीके से खर्च कर दिया। अधीक्षक ने 5 नाबालिग छात्रों के खाते से अँगूठा लगवाकर 5970 रु टोटल 29850 रु आहरण किए छात्रों के पास ठंडी में न ही कम्बल और न ही उनके पास गणवेश हैं सबसे बड़ी बात महीने के मिलने वाले गुजारे को अधीक्षक निगल गए जिससे उन्हें साबुन तेल के लाले पड़े हैं। कई विद्यार्थियों ने बताया कि जब भोजन और छात्रवृत्ति को लेकर उन्होंने पूछताछ की, तो अधीक्षक ने उन्हें बोला जाओ जहाँ शिकायत करना है कर दो यही कारण है कि अधिकांश छात्र डर के चलते चुप रह गए।

मामला उजागर होने के बावजूद जिला शिक्षा विभाग और आदिवासी विकास विभाग दोनों ही कार्रवाई को लेकर मौन हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या अधीक्षक को विभागीय संरक्षण प्राप्त है?
हॉस्टल की जाँच अब तक क्यों नही हुई ?
छात्रों के हक की राशि आहरण पर एफआईआर क्यों नही..
पैसे की वसूली कब तक होगी

इनका कहना है

जाँच रिपोर्ट आ गई है नोटिस भेजकर कार्यवाही की जाएगी आनंद राय सिन्हा सहायक आयुक्त शहडोल

फोन लगाने पर फोन नही उठा डीके निगम विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बुढ़ार

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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