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स्कूटी सवार व्यवसायी पर हमला, 20 लाख रुपए से भरा बैग लूटकर बदमाश फरार

सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में सत्तीपारा इलाके में हुई 20 लाख रुपए की लूट को पुलिस एक सुनियोजित आपराधिक साजिश मान रही है। जिस तरह से स्कूटी सवार व्यवसायी अनिल अग्रवाल पर हमला किया गया, उससे यह साफ होता है कि अपराधियों ने पहले से पूरी तैयारी और रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया। देर रात हुई इस घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया है, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित अनिल अग्रवाल शहर के जाने-माने व्यवसायी हैं। वे मोबाइल कंपनियों के डीलर होने के साथ-साथ हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी की फ्रेंचाइजी भी संचालित करते हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि अनिल अग्रवाल प्रतिदिन रात करीब साढ़े नौ बजे अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौटते थे। रविवार को भी वे उसी तय समय पर राम मंदिर के पास स्थित अपनी दुकान बंद कर निकले थे।

जैसे ही वे सत्तीपारा स्थित रानी सती मंदिर कॉलोनी की ओर मुड़े, उसी वक्त पहले से घात लगाए बदमाश ने उन पर हमला कर दिया। हमलावर ने बांस के मोटे डंडे से सीधे उनके सिर पर वार किया। अचानक हुए इस हमले से अनिल अग्रवाल संभल नहीं पाए और स्कूटी से गिरकर बेहोश हो गए। पुलिस का मानना है कि हमला जानलेवा हो सकता था, लेकिन किस्मत से पीड़ित की जान बच गई।

क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर का मुख्य उद्देश्य रुपयों से भरा बैग था। जैसे ही व्यवसायी बेहोश हुए, आरोपी ने बैग उठाया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। बैग में लगभग 20 लाख रुपए नकद थे, जो दिनभर की व्यापारिक कलेक्शन बताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी रकम की जानकारी बिना अंदरूनी सूचना के संभव नहीं है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल व्यवसायी को सड़क पर पड़ा देखा और परिजनों को सूचना दी। निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों ने सिर में गंभीर चोट की पुष्टि की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक एंगल से भी जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से हमले में इस्तेमाल किए गए डंडे और स्कूटी की स्थिति की बारीकी से जांच की गई।

जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। सबसे महत्वपूर्ण सुराग आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज हैं। फुटेज में आरोपी वारदात के बाद बैग लेकर तेजी से भागते हुए दिखाई दे रहा है। उसकी चाल-ढाल और आत्मविश्वास देखकर पुलिस को शक है कि आरोपी इलाके से परिचित है। यही नहीं, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी को व्यवसायी की दिनचर्या और नकदी की जानकारी कैसे थी।

क्राइम रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में सामने आया है कि वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी की बाइक बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल वारदात के बाद फरार होने में किया गया था। इसके साथ ही लूट की गई रकम में से लगभग 18 लाख रुपए बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है।

हालांकि पुलिस अभी इस पूरे मामले में आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। अपराधियों के मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि वारदात में किसी परिचित या कर्मचारी की भूमिका हो सकती है, जिसने समय और नकदी की जानकारी दी हो।

इस घटना के बाद अंबिकापुर के व्यापारिक वर्ग में भय का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि नकद कारोबार करने वालों के लिए अब शहर सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से रात की गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने की मांग की है।

क्राइम एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह वारदात पेशेवर अपराधियों द्वारा की गई है, जिसमें मौके, समय और शिकार का चयन बेहद सोच-समझकर किया गया। यदि समय रहते अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो इस तरह की घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं।

फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। अंबिकापुर की यह लूट अब सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन चुकी है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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