आपने कई लोगों को कहते सुना होगा कि दुनिया हमें उसी नजरिए से देखती है, जैसा हम खुद को उनके सामने पेश करते हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप खुद को कैसे प्रेजेंट करते हैं। कई लोगों की शिकायत होती है कि लोग हमारी बातों को अनसुना कर देते हैं या हमारी बातों को हमेशा हल्के में लेते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे आपकी अपनी कुछ अनजानी आदतें हो सकती हैं? जी हां, कई बार हमारी कुछ आदतों की वजह से ही लोग हमें सीरियस लेना बंद कर देते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि लोग आपको ‘सीरियसली’ लें, तो आपको अपनी उन आदतों को पहचानना होगा जो आपकी क्रेडिबिलिटी को कम कर रही हैं।

Why people not take seriously (1)

अपनी बात पर कायम न रहना

जो व्यक्ति आज कुछ कहता है और कल कुछ और करता है, उस पर कोई भरोसा नहीं करता। अगर आप वादे करके भूल जाते हैं या अपने कमीटमेंट्स को पूरा नहीं करते, तो धीरे-धीरे लोग आपकी बातों को ‘हल्के’ में लेना शुरू कर देते हैं। लोग आपको सीरियसली लें, इसका पहला नियम है, वही कहें जो आप कर सकें, और जो कहें उसे करके दिखाएं।

खुद का मजाक उड़ाना

हल्का-फुल्का मजाक और विनम्रता अच्छी बात है, लेकिन जब आप लगातार अपनी क्षमताओं, अपने लुक्स या अपनी मेहनत का मजाक उड़ाते हैं, तो लोग इसे आपकी सच्चाई मान लेते हैं। अगर आप खुद का सम्मान नहीं करेंगे, तो दुनिया से सम्मान की उम्मीद करना बेमतलब है।

हर समय उपलब्ध रहना

आप सप्लाई और डिमांड के साइकिल को तो समझते ही होंगे। यानी जिस चीज की सप्लाई ज्यादा होती है, उसकी कीमत कम हो जाती है। इसलिए अगर आप हर किसी के बुलावे पर तुरंत हाजिर हो जाते हैं और कभी ‘ना’ नहीं कहते, तो लोग आपकी वैल्यू करना बंद कर देते हैं। उन्हें लगता है कि आपके समय की कोई कीमत नहीं है।

बहुत ज्यादा बोलना और गपशप करना

जो लोग बिना सोचे-समझे बहुत ज्यादा बोलते हैं या दूसरों की बुराई में मशगूल रहते हैं, उन्हें लोग गंभीरता से नहीं लेते। जब आप हर विषय पर अपनी राय थोपते हैं, चाहे आपको उसके बारे में पता हो या न हो, तो आपकी बातों का वजन खत्म हो जाता है। कम बोलें, लेकिन अच्छा बोलें।

भावनाओं पर नियंत्रण न होना

छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाना, चिल्लाना या भावुक होकर फैसले लेना इमेच्योरिटी की निशानी है। जो व्यक्ति अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख सकता, लोग उस पर भरोसा नहीं करते। इसलिए मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत रहकर सही फैसले लें।

बदलाव कैसे लाएं?

सम्मान कमाया जाता है, मांगा नहीं जाता। अगर आप चाहते हैं कि आपकी उपस्थिति का प्रभाव पड़े, तो इन बदलावों पर ध्यान दें-

  • बॉडी लैंग्वेज सुधारें- सीधा खड़ा होना, आंखों में आंखें डालकर बात करना और एक स्थिर आवाज आपकी बातों में वजन पैदा करती है।
  • सुनने की आदत डालें- एक अच्छा लिसनर हमेशा ज्यादा सम्मानित होता है। दूसरों को बोलने का मौका दें।
  • तैयारी के साथ बोलें- चाहे ऑफिस की मीटिंग हो या दोस्तों की बातचीत, फैक्ट्स के साथ बात करें।
  • अनुशासन का पालन करें- समय के पाबंद बनें। समय की कद्र करने वालों की दुनिया कद्र करती है।