लगातार ड्यूटी, अनियमित दिनचर्या और मानसिक दबाव से जूझ रहे पुलिसकर्मियों के लिए अब राहत की खबर है। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल के जूनियर डॉक्टरों ने एक सराहनीय पहल करते हुए पुलिस जवानों की सेहत की जिम्मेदारी खुद संभालने का फैसला किया है। अब इलाज के लिए पुलिसकर्मियों को अस्पतालों की लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा, बल्कि डॉक्टर स्वयं थानों में पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे।

इस पहल के तहत भोपाल के प्रत्येक पुलिस थाने में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में तेजी से बढ़ रही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू करना है।

गौरतलब है कि पुलिस सेवा में ड्यूटी के घंटे तय नहीं होते। त्योहार हों, वीआईपी मूवमेंट या कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी—जवानों को घंटों खड़े रहकर ड्यूटी निभानी पड़ती है। इस भागदौड़ और मानसिक तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अक्सर जवान थकान और तनाव को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर परिणाम दे सकता है।

शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस

इन स्वास्थ्य शिविरों में जीएमसी के जूनियर डॉक्टर न केवल शारीरिक जांच करेंगे, बल्कि पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य का भी आकलन करेंगे। डिप्रेशन, तनाव और मानसिक थकावट के स्तर को पहचानकर समय रहते परामर्श और इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

मौके पर जांच, जरूरत पर तुरंत रेफरल

शिविरों के दौरान पुलिसकर्मियों का पूरा हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जाएगा। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन और सामान्य शारीरिक परीक्षण शामिल होंगे। किसी भी गंभीर स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल गांधी मेडिकल कॉलेज या हमीदिया अस्पताल रेफर किया जाएगा, जहां प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिलेगा। इसके साथ ही डॉक्टर खान-पान और जीवनशैली में सुधार के लिए भी आवश्यक परामर्श देंगे।

पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए दिन-रात एक कर देते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में वे अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर बैठते हैं। हमने देखा है कि कई जवान कम उम्र में ही बीपी और तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसको देखते हुए यह निर्णय लिया है कि हम थानों में जाकर उनकी स्क्रीनिंग करेंगे। इसमें शारीरिक जांच के साथ-साथ मेंटल हेल्थ काउंसलिंग पर भी हमारा विशेष जोर रहेगा।
– डा. कुलदीप गुप्ता, अध्यक्ष, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, भोपाल