लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे की एलिवेटेड रोड का निर्माण कर रही एजेंसी पीएनसी द्वारा हाइडिल नहर प्रस्तावित चौराहे को बंद करने का व्यापारियों ने विरोध किया। गुरुवार को उत्तर प्रदेश जनहित व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी सड़क पर उतर आए और विरोध करने लगे।

इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थी, जिन्होंने कार्यदायी संस्था द्वारा किए गए ताजे निर्माण को पैर से गिरा दिया। इसका पूरा वीडियो भी वायरल हुआ। वहीं पीएनसी के प्रशासनिक अधिकारी अंकुर जैन का तर्क है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एक्सप्रेस वे का निर्माण कर रहा है। ऐसे में सुरक्षा के लिए उसे बंद करना ही पड़ेगा। ऐसा न करने पर दुर्घटना की संभावना रहेगी। यह सब स्थानीय लोगों व व्यापारियों की सुविधा के लिए ही किया जा रहा है। फिलहाल काम मौके पर बंद कर दिया गया है।

वहीं व्यापारियों ने कहा कि जब तक एनएचएआइ से बैठक करके स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती तब तक कोई निर्माण नहीं होगा। विरोध के दौरान पीएनसी के अधिकारियों से वार्ता की गई, इस पर कार्यदायी संस्था भी सहमत हो गई कि जब तक एनएचएआइ ने पूरी बात नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह चौराहा लगभग 10 वर्ष पूर्व एनएचएआइ द्वारा जनता और व्यापारियों की मांग पर स्वीकृत करके ही बनाया गया था। ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के चौराहे को बंद किया जाना क्षेत्रीय व्यापार और आम जनजीवन के लिए गंभीर समस्या बन रहा है।

व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने बताया कि स्थायी समाधान इसका जरूरी है। नाराजगी जताने वाले व्यापारियों में श्यामेंद्र सिंह चौहान, दयाराम यादव, शैलेन्द्र सिंह बब्बू, प्रमोद हजेला, डा. अवधेश कुमार सिंह, राम सिंह भदौरिया, राजेश दुबे, जितेंद्र हजेला, हेमलता सिंह, प्रेम लता श्रीवास्तव, विमला सिंह, सुनीता जायसवाल सहित सैकड़ों व्यापारी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।