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हॉस्टल से गायब हुई लड़कियाँ, चिंता का विषय!

हॉस्टल से गायब हुई लड़कियाँ, चिंता का विषय!
मप्र में क्या कहते हैं आँकड़े…

शहडोल

विनय मिश्रा… की रिपोर्ट

 

मप्र में शैक्षणिक संस्थानों, घरों और कस्बो से गायब हो रही लड़कियाँ और महिलाएं एक चिंता का विषय है जो सरकार और कानून व्यवस्था की संवेदनाहीनता की ओर इशारा कर रही हैं इनके गायब होने की जो भी वजह रही हो पर इनका लंबे समय तक न मिलना कानून व्यवस्था से एक अहम सवाल है।घर से गायब हुई लड़कियों की राह घर की चौकठ ताकती निहारती रहती हैं पर चौकठ में उन गायब हुई लड़कियों का कभी दस्तक नही होता, मप्र के सागर जिले की कुमोदिनी मिश्रा पिछले 13 वर्षों से गायब है और परिजनों की आवाज उस गायब हुई कुमोदिनी के साथ ही उसकी याद में राह तकते थक गई।

केंद्र सरकार की मानें तो साल 2019 से 2021 के बीच अकेले मध्य प्रदेश में लड़कियों और महिलाओं की ग़ुमशुदगी के क़रीब दो लाख मामले दर्ज हुए जो कि देश में सबसे अधिक है
मध्य प्रदेश सरकार के आंकड़ों की मानें तो जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच मध्य प्रदेश में 23,129 लड़कियां और महिलाएं लापता हुई हैं यानी हर दिन लगभग 43 लड़कियां और महिलाएं गुमशुदा हुईं.
यह संख्या बताती है कि ये सिर्फ़ कुछ परिवारों का दुःख नहीं, बल्कि एक बड़ी समस्या है.
देश की प्रतिष्ठित समाचार “BBC” के अनुसार “साल 2013 के बाद नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी पर तुरंत ही अपहरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज़ की जाती है हमने यह देखा है कि मध्य प्रदेश में गुमशुदगी के लगभग 42 फ़ीसदी मामलों में किशोरियाँ घर से नाराज़ होकर जाती हैं क़रीब 15 फ़ीसदी घटनाओं में लड़कियां अपनी मर्जी से रिश्तेदारों के घर जाती हैं और 19 से 20 फ़ीसदी मामलों में वो प्रेमी के साथ चली जाती हैं.”
आँकड़ो के अनुसार हर 2 घंटे में मध्य प्रदेश में 3 लड़कियां और महिलाएं गायब होती हैं।
तकरीबन हर दिन 43 लड़कियां और महिलाएं।
2 सालो के भीतर 2 लाख लड़कियां और महिलाएं ग़ायब
देश मे 2 सालों में देश भर में 13 लाख परिवारों की आँखें आज भी बेटियों की राह देख रही है पर कईयों की आँखें उनकी याद में बढ़ते वक्त के साथ दुनिया से रुख्सत हो गई।

हॉस्टल से गायब हुई दो छात्रा…

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, कंचनपुर से एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने की घटनाओं ने पूरे जिले में एक बार फिर गयाब हो रही महिलाओं और लड़कियों की कतारों पर सवाल उठा रही है मामलों में न केवल हॉस्टल प्रबंधन, बल्कि शिक्षा विभाग और सुरक्षा व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।

 


जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से अपने मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची और लापता हो गई। इस मामले में तत्कालीन अधीक्षिका सुलोचना बट्टे ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। हॉस्टल पहुंचे अभिभावकों की पीड़ा और लापता हुए बेटी की व्यथा पर बात करते हुए अभिभावकों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ।
जब तक पुलिस इस मामले की जांच करती पुलिस के लिए एक और सिरदर्दी सामने आ गई 8 जनवरी को हॉस्टल से दूसरी छात्रा के लापता होने की सूचना ने सभी को चौंका दिया। कक्षा 10वीं की यह छात्रा अपने नाना और दो अन्य छात्राओं के साथ हॉस्टल पहुंची थी। उसकी दोनों सहेलियां तो हॉस्टल के भीतर चली गईं, लेकिन उक्त छात्रा अपनी बहन को बाहर छोड़ने की बात कहकर मुंह में कपड़ा बांधे बाहर निकली और फिर वापस नहीं लौटी।
रूटीन चेकिन में छात्रा अनुपस्थित पाई गई मामले की शिकायत प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने सोहागपुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में भी अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले मे लापरवाही बरतने पर तत्कालीन अधीक्षिका सुलोचना बट्टे को निलंबित कर दिया गया वहीं इस घटना के कारण भयभीत चंद्रकला भी ज्वाइन नही की, लेकिन उनके द्वारा ज्वाइन न करने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। फिलहाल ममता सिंह को गर्ल्स हॉस्टल की नई अधीक्षिका नियुक्त किया गया है।
एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने से अभिभावकों में चिंता की लकीर तो है साथ ही सवाल है क्या इन लड़कियों की गिनती भी उन्ही गायब हुई लाखों लड़कियों में होगी या फिर इन्हें तलाश कर उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा ।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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