दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

बीजापुर में नक्सली हिंसा: प्रेशर IED विस्फोट में युवक की मौत, इलाके में हाई अलर्ट

घटना से दहला उसूर थाना क्षेत्र

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बार फिर हिंसा की दुखद खबर सामने आई है। उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम कस्तुरीपाड़ में माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED विस्फोट की चपेट में आने से एक निर्दोष ग्रामीण की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।

जंगल की ओर गया था युवक

मृतक की पहचान ग्राम कस्तुरीपाड़ निवासी 20 वर्षीय आयता कुहरामी, पिता बुधरा कुहरामी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आयता रविवार को किसी निजी कार्य से जंगल क्षेत्र की ओर गया हुआ था। इसी दौरान वह माओवादियों द्वारा पहले से बिछाए गए प्रेशर IED पर पैर रख बैठा।

विस्फोट में गंभीर रूप से घायल

तेज धमाके के साथ हुए विस्फोट में आयता के दोनों पैरों को गंभीर नुकसान पहुंचा। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी मिलते ही घायल युवक को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन हालत बेहद नाजुक थी।

अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

ग्रामीणों और परिजनों ने युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सुरक्षा बलों का सघन सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। आशंका जताई जा रही है कि इलाके में और भी विस्फोटक लगाए गए हो सकते हैं, इसलिए बम निरोधक दस्तों की मदद से IED निष्क्रिय करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

माओवादियों की रणनीति पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि माओवादी इस तरह के प्रेशर IED का उपयोग सुरक्षा बलों और ग्रामीणों में डर पैदा करने के लिए करते हैं। अक्सर जंगल और कच्चे रास्तों में इन्हें बिछाया जाता है, जिससे निर्दोष लोग इसका शिकार बनते हैं।

नागरिकों से प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जंगल और दुर्गम क्षेत्रों में जाने से बचें। यदि जाना जरूरी हो, तो पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध वस्तु, तार, गड्ढे या असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या सुरक्षा कैंप को दें।

नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनौती बरकरार

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन माओवादी हिंसा पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!