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फॉरेस्ट मुनारा से बन रही कामर्शियल दुकान, विभाग अनजान

फॉरेस्ट मुनारा से बन रही कामर्शियल दुकान, विभाग अनजान
मुनारे से सटाकर ही तन रहा भवन

देर शाम पहुँचा वन अमला

शहडोल।।

इन दिनों जंगल मे खूब मोर नाच रहा है और इस मोर को कोई देख भी नही पा रहा है किसी और का क्या कहें जंगल कानून का पाठ पढ़ाने वाले सिपाही इस कानून से बेखबर हैं और कहीं जंगल की जमीन पर कोई भवननिर्माण कर रहा है कहीं सड़कें निर्माण हो रही है पर विभाग की चेतना शून्य है।

जैतपुर परिक्षेत्र अन्तर्गत पकरिया–जैतपुर मार्ग पर वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। यहां फॉरेस्ट मुनारे यानी वन सीमा चिन्ह से सटाकर एक कामर्शियल दुकान का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि संबंधित वन विभाग को इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
पूरी जानकारी स्थानीय परिक्षेत्र अधिकारी समेत मुख्य वन संरक्षक को दी गईं उसके बाद भी वन विभाग नही चेता जिस स्थान पर दुकान बनाई जा रही है वह वन सीमा से महज 1 या 2 फ़ीट की दूरी पर है या यूं कहें वन भूमि में हुए फाउंडेशन से सटाकर इस दुकान की इबारत लिखी जा रही है। हैरत की बात है कि मौके पर फॉरेस्ट मुनारा स्पष्ट रूप से मौजूद है, जो वन भूमि की पहचान करता है इसके बावजूद खुलेआम पक्के निर्माण का कार्य जारी है।
सूत्रों का कहना है कि निर्माण कार्य बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है। यदि यह निर्माण पूरा हो जाता है तो भविष्य में वन भूमि पर अतिक्रमण के और मामले बढ़ सकते हैं।

वन विभाग अनजान

जब इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसे किसी निर्माण की सूचना नहीं मिली है। अब सवाल यह उठता है कि यदि निर्माण अवैध है तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक कार्रवाई से क्यों दूर हैं।
प्रशासन और वन विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह मामला लापरवाही का है या फिर किसी की मिलीभगत से वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है—यह जांच का विषय है।
अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद संबंधित विभाग कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।

(इनका कहना है)

(अगर ऐसा है तो गलत है आप रेंजर जैतपुर को फोन लगाइए और उन्हें नियम कानून पता है तब भी वो कार्य क्यों होने दे रहे हैं,श्रद्धा पन्द्रे डीएफओ शहडोल)

(आप लोकेशन और क्षेत्र का डीटेल भेजिए अगर ऐसा है तो गलत है मैं दिखवाता हूँ,जशवंत सिंह मीणा रेंजर जैतपुर)

(मैं वन विभाग के मुनारे से 15 फीट छोड़ दूंगा,मुझे पता है कि वन भूमि पर कार्य नही करना चाहिए,मनोज कुशवाहा भूमि स्वामी)

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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