सोने और चांदी का दाम अपनी चरम सीमा पर है। लेकिन अब आपको सोने में निवेश के लिए लाखों की जरूरत नहीं। इस डिजिटल जमाने में आप 500 रुपये में गोल्ड में पैसा लगा सकते हैं। हम यहां डिजिटल गोल्ड नहीं, गोल्ड ईटीएफ की बात कर रहे हैं।

इस समय अगर आप डिजिटल तरीके से गोल्ड खरीदना चाहते हैं, तो गोल्ड ईटीएफ ज्यादा सुरक्षित है। क्योंकि यूपीआई ऐप के जरिए खरीदने वाले डिजिटल गोल्ड पर सेबी (शेयर बाजार नियंत्रित करने वाली संस्था) ने आशंका जताई है।

गोल्ड ईटीएफ में आप लमसम और एसआईपी दोनों तरीके से निवेश कर सकते हैं। सबसे पहले जानते हैं कि पिछले 3 साल में किस गोल्ड ईटीएफ ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया। इसके साथ ही इनके एक यूनिट की कीमत यानी एनएवी कितना है?

iगोल्ड फंड रिटर्न NAV
DSP वर्ल्ड गोल्ड माइनिंग ओवरसी 60.03% ₹69.13
एडलवाइज गोल्ड एंड सिल्वर ईटीएफ एफओएफ 46.17% ₹35.69
मोतीलाल ओसवाल गोल्ड एंड सिल्वर पैसेसिव एफओएफ 44.26% ₹33.23
UTI गोल्ड ईटीएफ एफओएफ 39.94% ₹30.21
क्वांटम गोल्ड सेविंग फंड 39.67% ₹60.23

कैसे करें निवेश?

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया हमेशा से ही ये सलाह देते हैं कि अगर आप गोल्ड या सिल्वर ईटीएफ में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको एसआईपी का चयन करना चाहिए। क्योंकि एसआईपी के जरिए आप एक निश्चित समय में निवेश करते रहते हैं, तो इसलिए ये मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को संतुलित करके रखता है।

उदाहरण से समझें एसआईपी का जादू

मान लीजिए कि जिस महीने आपने निवेश शुरू किया, उस समय सोना सस्ता था। इसलिए आपको 1000 रुपये 40 यूनिट मिल गई। इसका मतलब है कि यहां एक यूनिट का दाम 25 रुपये हुआ। अगले महीने जैसे ही सोने का दाम बढ़ा, आपको 1000 रुपये में 33 यूनिट ही मिले। अब यहां एक यूनिट का भाव 30 रुपये रहा। सोने में बढ़ोतरी आने से आपके ईटीएफ की एक यूनिट 25 रुपये से बढ़कर 30 रुपये हो गई।

अब आपको उस यूनिट पर मुनाफा मिलेगा, जो आपने कम दाम पर खरीदा (25 रुपये में 40 यूनिट) था। आपको पहले महीने खरीदे 40 यूनिट पर 5 रुपये (200 रुपये) का मुनाफा मिलेगा। इसके साथ ही आपको मौजूदा यूनिट (30 रुपये में 33.3 यूनिट) पर तब फायदा होगा, जब इसकी कीमत में और इजाफा आएगा।