दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

अमेरिका में नागरिकता पर कानूनी संग्राम: ट्रंप के आदेश को भारतीय-अमेरिकी वकील की चुनौती

अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर एक बार फिर बड़ा संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश को एक भारतीय-अमेरिकी वकील ने अदालत में चुनौती दी है, जिसमें अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को स्वतः नागरिकता देने की व्यवस्था को सीमित करने की बात कही गई थी।

भारतीय मूल के वकील घोष ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि यह आदेश अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। इस संशोधन के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति नागरिकता का अधिकार रखता है, और इसे किसी कार्यकारी आदेश के जरिए बदला नहीं जा सकता।

घोष ने कहा कि जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिका की लोकतांत्रिक संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसे खत्म करने या सीमित करने का प्रयास न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि इससे समाज में असमानता भी बढ़ेगी।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका में इमिग्रेशन नीति पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अदालत इस मामले में हस्तक्षेप करती है, तो यह एक ऐतिहासिक फैसला हो सकता है।

वहीं, ट्रंप समर्थकों का मानना है कि जन्मसिद्ध नागरिकता की वर्तमान व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा है और इसे नियंत्रित करना जरूरी है। उनका कहना है कि इससे देश की सुरक्षा और संसाधनों पर दबाव बढ़ता है।

इस कानूनी चुनौती ने अमेरिका में राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या यह फैसला भविष्य में नागरिकता से जुड़े कानूनों को प्रभावित करेगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!