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भारतीय प्रसारक हुए चीन विरोधी उपग्रहों की ओर स्विच

Indian broadcasters shift ops to satellites of non-Chinese cos

नई दिल्ली: भारतीय प्रसारक अब पूरी तरह से गैर-चीन से जुड़े उपग्रह ऑपरेशन्स की ओर स्थानांतरित हो गए हैं। यह परिवर्तन सरकार के उस निर्देश के बाद आया है जिसमें चीन से जुड़े उपग्रह प्रदाताओं को भारत में सेवाएं देने से प्रतिबंधित किया गया है। इस कदम का उद्देश्य देश की उपग्रह संचार व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और स्वायत्त बनाना बताया गया है।

पूर्व में चीन के प्रमुख उपग्रह प्रदाताओं चाइना सैट (Chinasat) और एपस्टार (ApStar) के माध्यम से कई प्रसारक अपनी सेवाएं प्रदान करते थे। लेकिन अब सरकार द्वारा इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए इन्हें भारत में ऑपरेशन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

हालांकि, एशियासैट (AsiaSat) को इस मामले में कुछ सीमित छूट दी गई है। उसे केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अवसर अनुसार तीन महीने के लिए ही सीमित सेवा अनुमति प्रदान की गई है। इससे एशियासैट का भारतीय बाजार में बड़ा हिस्सा प्रभावित होने लगा है, क्योंकि अधिकांश भारतीय प्रसारक अब भारतीय GSAT उपग्रह और अमेरिकी Intelsat उपग्रह सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह परिवर्तन भारत के उपग्रह संचार क्षेत्र में सुरक्षित और स्वदेशी तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा। साथ ही यह कदम चीन के प्रभाव को कम करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। भारत की सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि चीन से जुड़े खिलाड़ियों के मामलों में सख्ती आवश्यक है ताकि संवेदनशील सूचनाएं सुरक्षित रह सकें और विदेशी हस्तक्षेप से बचा जा सके।

भारत का उपग्रह संचार उद्योग ऐसे समय में बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है जब डिजिटल मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्रों में मांग निरंतर बढ़ रही है। गैर-चीनी उपग्रह संचालकों में अमेरिकी Intelsat का बहुमूल्य योगदान माना जाता है, जो भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाले सिग्नल उपलब्ध कराते हैं। वहीं, GSAT सीरीज के उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की सफलता को दर्शाते हैं और देश की तकनीकी क्षमता पर गर्व का विषय हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, निकट भविष्य में भारतीय प्रसारण उद्योग पूरी तरह से स्वदेशी और विश्वसनीय उपग्रह ऑपरेटर्स पर निर्भर होगा, जिससे सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता दोनों बेहतर होगी। यह कदम भारत के डिजिटल आत्मनिर्भरता मिशन के अनुरूप भी है।

इस प्रकार भारत ने उपग्रह संचार क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम करते हुए अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है और यह संकेत दिया है कि तकनीकी और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में वह किसी भी तरह के जोखिम को बर्दाश्त नहीं करेगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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