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भारत में टोल राजस्व हुआ रिकॉर्ड ₹82,900 करोड़, FY26 में 14% की वृद्धि

India toll revenue hits record ₹82,900 crore, up 14% in FY26

भारत में टोल संग्रह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। देशभर में टोल राजस्व ₹82,900.16 करोड़ तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 14% की वृद्धि दर्शाता है। यह बढ़ोतरी न केवल नई टोल सड़कों के विस्तार बल्कि देश की मजबूत आर्थिक गतिविधियों और FASTag प्रणाली की सफलता का भी परिणाम है।

FASTag प्रणाली, जो इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली का आधुनिक माध्यम है, ने भी इस अवधि में अभूतपूर्व उन्नति दर्ज की है। टोल कलेक्शन में हुई इस वृद्धि का श्रेय इस तकनीक को दिया जाता है जिसने टोल बूथ पर यातायात की सुविधा और पारदर्शिता दोनों बढ़ाई है। FASTag ट्रांजेक्शन में हुई तेजी के कारण टोल संकलन ने पिछले आठ वर्षों में तीन गुना विस्तार किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि टोल राजस्व में इस तरह की वृद्धि न केवल वाहनों की संख्या में वृद्धि को दर्शाती है, बल्कि देश की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और बेहतर सड़क अवसंरचना का भी संकेत है। भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भी इस क्षेत्र में निरंतर सुधार करते हुए नई टोल सड़कों के निर्माण एवं रखरखाव को प्राथमिकता दी है।

सरकार की ओर से टोल कलेक्शन को डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा प्रबंधित करने की पहल ने भी यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाया है, जिससे समय की बचत और लॉगिन प्रक्रिया में सुगमता आई है। FASTag की व्यापकता और इसके प्रभावशाली उपयोग के कारण, टोल संग्रह प्रणाली अब अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी हुई है।

आगे आने वाले वर्षों में भी इस वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि देश में सड़क परिवहन और अवसंरचना क्षेत्र में लगातार निवेश हो रहा है। इससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि जनता को बेहतर यात्रा सुविधा भी उपलब्ध होगी। सरकार और संबंधित एजेंसियाँ इस प्रगति को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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