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ट्रम्प के शिपिंग छूट से अमेरिका में तेल की घरेलू पारगमन नहीं बढ़ा; ईंधन निर्यात हुआ रिकॉर्ड स्तर पर

Trump's shipping waiver does not boost oil flows within US; fuel exports soar

अमेरिका में घरेलू बंदरगाहों के बीच तेल की आवाजाही मार्च महीने में स्थिर बनी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ट्रम्प प्रशासन द्वारा दी गई जॉनस एक्ट की छूट का घरेलू ईंधन परिवहन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि, अमेरिकी ईंधन निर्यात नई ऊंचाइयों को छूते हुए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसे विदेशी बाजारों में उच्च लाभ के कारण रिफाइनर अधिक से अधिक निर्यात की ओर अग्रसर हैं।

जॉनस एक्ट की छूट का मकसद था कि घरेलू तेल और ईंधन की आपूर्ति को तेज करना, लेकिन स्थिति के उलट, घरेलू परिवहन में कोई उल्लेखनीय वृद्धि देखी नहीं गई है। अमेरिकी रिफाइनर अब विदेशी बाजारों, विशेषकर एशियाई देशों की ओर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जहां उनका तेल निर्यात बढ़ा है। एशियाई रिफाइनर अमेरिकी तेल की अधिक आयात कर रहे हैं, जिसने फ्रेट किराए में तेजी से वृद्धि कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी तेल उत्पादक उच्च लाभ के कारण विदेशी बाजारों की मांग को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति अमेरिकी अंदरूनी बाजार में तेल की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती है, लेकिन निर्यातकों के लिए यह एक अवसर के समान है।

विश्लेषकों ने यह भी कहा कि जबकि घरेलू तेल शिपमेंट में कोई वृद्धि नहीं हुई, परंतु उच्च ईंधन निर्यात ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नए मौके प्रदान किए हैं। ट्रम्प प्रशासन की योजना को हालांकि मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि घरेलू उत्पादन और उपभोग के बीच संतुलन बनाना आज भी चुनौती बना हुआ है।

अमेरिकी ऊर्जा विभाग की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि मार्च में घरेलू बंदरगाहों से तेल की आवाजाही में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया, जिससे जॉनस एक्ट छूट के प्रभाव पर सवाल उठते हैं। वहीं, ईंधन निर्यात में उछाल ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी तेल उत्पादकों की पकड़ को मजबूत किया है।

इस परिदृश्य में, यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में घरेलू शिपिंग नीतियों में क्या बदलाव आते हैं और क्या वे अमेरिकी ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में मदद करते हैं या नहीं।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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