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सैमसन का वर्ल्ड कप जीत पर सुझाव: ‘भारत यह और अधिक बार करेगा’

Samson on World Cup win: 'India is going to do this more and more often'

नई दिल्ली: वर्ल्ड कप के बीच में टीम में वापसी करने वाले क्रिकेटर ऋतुराज सैमसन ने कहा कि जब उन्होंने मध्य टूर्नामेंट में टीम में वापसी की, तभी उन्होंने अपने दिमाग में एक बदलाव महसूस किया। सैमसन ने मानसिक रूप से ‘थोड़ा पलटा’ और उसी के बाद उनके प्रदर्शन में सुधार आया।

उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि टीम में वापसी के момент ने उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास दिया। सैमसन ने कहा, “मध्य में वापस आना मेरे लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। जब मुझे टीम में शामिल किया गया, तो मैंने खुद को मानसिक रूप से संभाला और एक नए जुनून के साथ खेलना शुरू किया।”

सैमसन की यह मानसिक झटका उनके लिए एक सकारात्मक बदलाव साबित हुआ, जिससे उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया और टीम के लिए अहम योगदान दिया। उनका मानना है कि इस बदलाव के कारण ही भारत विश्व कप में और अधिक बार जीत हासिल करेगा।

यह बात तब आई है जब सैमसन ने पिछले मैचों में अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। मध्य टूर्नामेंट में वापसी के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में स्थिरता दिखाते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बनाए।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि सैमसन जैसे खिलाड़ी जिनमें मानसिक मजबूती हो, वे भारतीय टीम को आगामी टूर्नामेंट्स में और अधिक सफल बना सकते हैं। सैमसन ने अपनी बातों में यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों में खुद को मानसिक रूप से तैयार रखना टीम के लिए बहुत आवश्यक होता है।

इस बीच, प्रशंसकों और क्रिकेट विश्लेषकों ने भी सैमसन की मानसिक ताकत की सराहना की है। उनकी वापसी ने टीम में नई उम्मीदें और उत्साह पैदा किया है। यह देखना रोचक होगा कि आने वाले मैचों में सैमसन इस मानसिक मजबूती के साथ किस तरह भारत की टीम को सफलता की ओर लेकर जाते हैं।

ऋतुराज सैमसन का यह बयान भारतीय क्रिकेट में मानसिकता और खेल के प्रति समर्पण की महत्ता को एक बार फिर उजागर करता है। टीम इंडिया के लिए यह एक शुभ संकेत है कि वे भविष्य में और अधिक जीत हासिल करने के लिए मानसिक रूप से भी तैयार हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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