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2028 तक असम को ₹10 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने पर सरकार काम करेगी: राज्य मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सेन शर्मा

Govt. will work to make Assam ₹10 lakh crore economy by 2028, says CM Himanta Biswa Sarma

असम में अल्पसंख्यक महिलाओं के अधिकारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को लेकर मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सेन शर्मा ने मंगलवार को कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पेश करना हमारी सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि इस बिल के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए समान और निष्पक्ष कानून सुनिश्चित किए जाएंगे, खासकर उन महिलाओं के लिए जो अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “इस बिल को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है और हम इसके जरिए समाज के हर वर्ग खासकर महिला समुदाय को समान अधिकार देना चाहते हैं। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक और जातीय समूहों के बीच न्यायसंगत कानूनी प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना है, जिससे महिला权益 की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि इस पहल से असम में सामाजिक समरसता और विकास को भी बल मिलेगा।

राज्य सरकार ने हाल ही में महिला अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC बिल इसी दिशा में एक अहम कदम है जिससे महिलाओं के समान अधिकारों को स्थापित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह बिल न केवल पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देगा बल्कि महिलाओं को भी न्यायिक सुरक्षा देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यूनिफॉर्म सिविल कोड के लागू होने से न केवल महिला अधिकार मजबूत होंगे, बल्कि पूरे समाज को एकजुट करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सेन शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार इस बदलाव के लिए दृढ़ संकल्पित दिख रही है।

इस संदर्भ में विपक्षी दलों के कुछ सदस्यों ने भी इस बिल के स्वागत में अपनी राय दी है, हालांकि कुछ ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता के लिए जोखिम भी बताया है। लेकिन राज्य सरकार ने विश्वास जताया है कि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही यह विधेयक लागू किया जाएगा।

असम में महिलाओं के हक के लिए यह कानून एक नया अध्याय शुरू करेगा और इसके सफल क्रियान्वयन से सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। विधानसभा में इस बिल की चर्चा अभी जारी है और जल्द ही इसे पारित किए जाने की संभावना है।

मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सेन शर्मा की इस पहल को व्यापक स्तर पर सराहा जा रहा है जो असम में महिलाओं के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करेगी। सरकार का कहना है कि इस बिल के माध्यम से हम सभी नागरिकों के लिए समानता और न्याय सुनिश्चित करेंगे।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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