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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे: अखिलेश सरकार में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण, ओम प्रकाश राजभर के आरोप

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे अखिलेश सरकार में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना : ओम प्रकाश राजभर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुभासपा के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर अखिलेश सरकार के दौरान भ्रष्टाचार का कोई बड़ा उदाहरण देखा जाना है, तो वह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे है।

ओपी राजभर ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के ट्रैक को भ्रष्टाचार और लालच की वजह से इस तरह मोड़ा गया कि वह न तो सीधा रहा और न ही सुगम। इसके कारण यह एक्सप्रेसवे बार-बार दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है और इसे ‘मौत का एक्सप्रेसवे’ तक कहा जाने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण में मानकों की अनदेखी कर जल्दबाजी की गई, जिसका खामियाजा कई लोगों की जान के नुकसान और परिवारों के टूटने का रूप में सामने आया है।

मंत्री ने खुलासा किया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सैफई परिवार और उनके करीबी लोगों ने जनता के पैसे की नाजायज बंटवारा किया। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद से इटावा तक कई जमीनों को औने-पौने दामों पर खरीदा गया। बाद में एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव कर उन जमीनों को आवासीय क्षेत्र में वर्गीकृत कर मुआवजे के नाम पर भारी गड़बड़ियां हुईं। इससे संबंधित जमीनों की कीमतें बेतहाशा बढ़ गईं और यह घोटाला करोड़ों रुपये का है।

ओम प्रकाश राजभर ने यह भी दावा किया कि निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए एक्सप्रेसवे को घरों के बेहद करीब लेकर जाया गया, जिससे इसकी लंबाई 270 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 300 किलोमीटर हो गई। इस कारण आम जनता को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय एवं ईंधन की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा यह भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं और जल्द ही सैफई परिवार को इसके लिए सजा मिलेगी। मंत्री ने यह भी दावा किया कि उनके पास सैफई परिवार के भ्रष्टाचार का विस्तृत डोजियर मौजूद है, जिससे इस मामले में बड़े कारवाई की जा सकती है।

ओपी राजभर के इस बयान ने सत्ता और विपक्ष के बीच एक बार फिर सत्तारुढ़ दल और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी विवाद को जन्म दिया है। सोशल मीडिया एवं राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर गहमागहमी जारी है और आगामी दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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