दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

धीरेंद्र शास्त्री बोले, संतों और मठ-मंदिरों के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र, अयोध्या में किए हनुमानगढ़ी के दर्शन

धीरेंद्र शास्त्री बोले, 'संतों और मठ-मंदिरों के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र', अयोध्या में किए हनुमानगढ़ी के दर्शन

अयोध्या। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या के अपने हालिया दौरे के दौरान राम मंदिर दान प्रकरण पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि देश की न्याय-व्यवस्था और सरकार पर उनका पूरा भरोसा है और दोषियों को कड़ी सजा जरूर मिलेगी। साथ ही, शास्त्री ने आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां संतों, महंतों और मठ-मंदिरों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रच रही हैं ताकि हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा को कम किया जा सके।

शुक्रवार को श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या में पवित्र हनुमानगढ़ी के दर्शन किए। यहां उन्होंने हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास के गुरु महाराज संत राम दास के आश्रम पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि महंत राम दास हाल ही में निधन हो गए हैं और वे उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत थे। शास्त्री ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मैं उनकी पुण्य स्मृति में यहां आया हूं और उन्हें श्रद्धांजलि दे पाया।”

राम मंदिर दान प्रकरण पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “यह कोई सामान्य अपराध नहीं है बल्कि महापाप जैसा मामला है जिसे भगवान निश्चित रूप से दंडित करेंगे। हालांकि हमें देश के कानून-व्यवस्था, एसआईटी की जांच प्रक्रिया और सरकार पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। जांच जारी है, सभी दोषी सजा पाने से नहीं बचेंगे।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान युग छल deception का युग है, जिसे वे कलयुग से भी ज्यादा खतरनाक मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ कुटिल लोग और कालनेमी तत्त्व संतों, महंतों, मठों और मंदिरों के प्रति आस्था को खत्म करने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। उनसे सभी को सावधान रहने की जरूरत है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भरोसा व्यक्त किया कि जो लोग पाप का भागी हैं उनका न केवल भगवान दंड करेंगे बल्कि देश का कानून भी कड़ी कार्रवाई करेगा।

शास्त्री ने आम जनता से अपील करते हुए कहा, “अपनी भावनाओं पर संयम रखें। कुछ भड़काने वाली ताकतें आपको उकसाने और गुमराह करने में लगी हैं। इनकी कोशिश है कि हिंदुओं को एक-दूसरे से लड़ाया जाए और संत, महंत, मठ-मंदिरों के प्रति श्रद्धा कमजोर की जाए। इसलिए हमें विवेकपूर्ण रहना होगा और किसी भी घटना के कारण सनातन धर्म को कोई आघात नहीं पहुंचना चाहिए।”

अयोध्या के इस पावन स्थल पर धीरेंद्र शास्त्री की यह अपील संतों और श्रद्धालुओं के बीच एकजुटता और समरसता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उन्होंने संतों के सम्मान और धार्मिक संस्थानों की गरिमा को बचाए रखने का आग्रह किया है, जो देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के मूल स्तम्भ हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक संस्थाओं और संतों को निशाना बनाने वाले षड्यंत्रों से सतर्क रहना भारत की जनता का उत्तरदायित्व बनता है। न्याय-व्यवस्था पर विश्वास और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना के लिए धैर्य और संयम आवश्यक है।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!