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मंदसौर के CM राइज स्कूल में छात्र 6 किमी पैदल चलने को मजबूर, बसें सामने से गुजरने के बावजूद नहीं मिल रही सुविधा

मंदसौर, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सीएम राइज स्कूल योजना के तहत आधुनिक शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। लेकिन मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ स्थित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल में सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन लगभग 6 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है, जबकि स्कूल बसें उनके सामने से गुजरती हैं।

जानकारी के अनुसार, छात्रावास से स्कूल की दूरी करीब 3 किलोमीटर है। रोजाना विद्यार्थियों को 3 किलोमीटर पैदल स्कूल जाना और उतनी ही दूरी वापस तय करनी पड़ती है। इस वजह से उनका करीब दो घंटे का समय केवल यात्रा में ही खर्च हो जाता है। छात्रों का कहना है कि इससे उनकी पढ़ाई, खेलकूद और स्वाध्याय का समय प्रभावित हो रहा है।

सरकार ने सीएम राइज स्कूलों के लिए करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक भवन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। स्कूल बसों का उद्देश्य दूर-दराज और जरूरतमंद विद्यार्थियों को सुरक्षित परिवहन देना है। बावजूद इसके छात्रावास में रहने वाले बच्चों को बस सुविधा नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि जब बसें छात्रावास के सामने से होकर गुजरती हैं, तब बच्चों को उसमें बैठाने से इनकार करना समझ से परे है। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थियों को बस सुविधा मिल जाए तो उनका समय बचेगा और वे पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

यह मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निवेश कर रही है, लेकिन यदि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का सही संचालन नहीं होगा तो इसका सबसे बड़ा नुकसान विद्यार्थियों को ही उठाना पड़ेगा।

अब सभी की नजर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और छात्रावास के विद्यार्थियों को कब तक बस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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