दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

धनुष बोले- ‘मातृभाषा न जानना गर्व नहीं, अपमान है’; छात्रों से तमिल पढ़ने-लिखने की अपील

चेन्नई, तमिलनाडु

दक्षिण भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता धनुष ने छात्रों से अपनी मातृभाषा तमिल को पढ़ने और लिखने का आग्रह करते हुए कहा है कि अपनी मातृभाषा न जानना गर्व की नहीं, बल्कि अपमान की बात है। उन्होंने यह बात चेन्नई के थाई सत्या मैट्रिकुलेशन स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कही।

धनुष ने अपने संबोधन में कहा कि हर व्यक्ति को सबसे पहले अपनी मातृभाषा का ज्ञान होना चाहिए। उनके अनुसार, दूसरी भाषाओं का ज्ञान निश्चित रूप से उपयोगी है, लेकिन वह केवल एक अतिरिक्त योग्यता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपनी मातृभाषा को पढ़ना-लिखना नहीं जानता और उस पर गर्व करता है, तो यह सही सोच नहीं है।

अपने भाषण के दौरान अभिनेता ने बेल्जियम में फिल्म की शूटिंग के दौरान का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि विदेश में रहने के दौरान उन्हें अपनी भाषा और सांस्कृतिक पहचान का महत्व और अधिक समझ में आया। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे तमिल भाषा को सीखने और उसके प्रति सम्मान बनाए रखें।

धनुष ने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय वह अंग्रेजी अच्छी तरह नहीं बोल पाते थे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनकी अंग्रेजी में कई गलतियां होती थीं, लेकिन उन्हें तमिल भाषा पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्होंने अंग्रेजी भी सीखी, लेकिन अपनी मातृभाषा से जुड़ाव हमेशा बनाए रखा।

अभिनेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में भाषा, शिक्षा और मातृभाषा के महत्व को लेकर चर्चा जारी है। उनके इस संदेश को कई लोगों ने स्थानीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है। वहीं, उन्होंने छात्रों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपनी मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भाषाओं का भी ज्ञान प्राप्त करें, ताकि वे वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर हासिल कर सकें।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!