दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

हाथियों के सुरक्षित विचरण और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की विशेष पहल

हाथियों के सुरक्षित विचरण और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की विशेष पहल
====
उत्तर वन मंडल में 62 हाथियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी, मानव एवं वन्यजीव सुरक्षा के लिए बनाई विशेष कार्ययोजना
===
धान की फसल एवं मकानों को होने वाले नुकसान की स्थिति में प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा दिलाने के प्रयास
====
शहडोल 28 अक्टूबर 2026 – जिले में वन्यजीवों के सुरक्षित विचरण तथा मानव एवं वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर वन मंडल में इन दिनों लगभग 62 हाथियों का विचरण हो रहा है। हाथियों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है, जिसके अंतर्गत हाथियों की निगरानी, ग्रामीणों को जागरूक करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

वन विभाग का उद्देश्य हाथियों के प्राकृतिक विचरण को सुरक्षित बनाए रखने के साथ ग्रामीणों, किसानों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभागीय अमला सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।

बांधवगढ़ से आए 37 हाथियों सहित कुल 62 हाथियों की निगरानी

उत्तर वन मंडल की वन मंडलाधिकारी तरुणा वर्मा के अनुसार, वर्तमान में क्षेत्र में लगभग 62 हाथियों की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इनमें करीब 37 हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से आकर उत्तर वन मंडल के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। ये हाथी वर्तमान में बांधवगढ़ से लगे जयसिंहनगर क्षेत्र की ठेंगरा बीट में मौजूद हैं।

इसके अतिरिक्त लगभग 25 हाथी पिछले कुछ वर्षों से जिले के बाणसागर जलाशय के बैकवाटर क्षेत्र में रह रहे हैं। ये हाथी पश्चिम ब्यौहारी परिक्षेत्र के अलहरा के पास स्थित छूला कछार गांव के आसपास विचरण कर रहे हैं।

वन विभाग द्वारा हाथियों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि उनकी गतिविधियों की जानकारी के आधार पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकें।

विशेष कार्ययोजना के तहत हो रही सतत निगरानी

डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि हाथियों के सुरक्षित विचरण तथा ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और स्थानीय लोगों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हाथियों के प्राकृतिक मार्ग में अनावश्यक हस्तक्षेप करने के बजाय उनकी गतिविधियों की निगरानी करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा ग्रामीणों को सतर्क रखना विभाग की कार्ययोजना का प्रमुख हिस्सा है। वन विभाग का प्रयास है कि हाथियों का विचरण सुरक्षित बना रहे और मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति उत्पन्न न हो।

किसानों की फसलों एवं मकानों को होने वाले नुकसान पर भी विशेष ध्यान

वर्तमान में धान की फसल पककर तैयार होने के कारण हाथियों का खेतों तक पहुंचना स्वाभाविक गतिविधियों में शामिल है। ऐसे में वन विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। फसलों अथवा कच्चे मकानों को नुकसान होने की स्थिति में प्रभावित लोगों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता हाथियों और मनुष्यों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी विभाग प्रतिबद्ध है।

ग्रामीणों को जागरूक कर सुरक्षा के लिए किया जा रहा प्रेरित

वन मंडलाधिकारी तरुणा वर्मा ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर घबराएं नहीं, बल्कि सतर्कता बरतें। हाथियों के रास्ते में न आएं और न ही उन्हें भगाने अथवा उनकी दिशा बदलने का प्रयास करें। हाथियों को उनके प्राकृतिक मार्ग से गुजरने दें तथा उनसे कम से कम 200 मीटर की सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

वन विभाग द्वारा स्थानीय लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे हाथियों की गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

वन विभाग की विशेष कार्ययोजना का उद्देश्य वन्यजीवों के प्राकृतिक विचरण को सुरक्षित बनाए रखना, ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाना तथा मानव एवं वन्यजीवों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करना है। विभाग द्वारा सतत निगरानी, जनजागरूकता और नियमानुसार सहायता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण एवं जनसुरक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!