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भोपाल में मतदाता सूची गड़बड़ी पर दिग्विजय सिंह की त्वरित जांच

Digvijay Singh, Bhopal voter list issue

शिक्षक संघ कार्यालय में मचा हड़कंप

भोपाल में मतदाता सूची से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के आरोप एक बार फिर गरमाते नजर आए, जब पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने अचानक शिक्षक संघ के दफ्तर का दौरा किया। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों की शिकायत पर दिग्विजय सिंह यहां पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि मतदाता सूची में कुल 30 मतदाताओं के नाम दर्ज थे, लेकिन संदेह है कि इनमें से कई लोग वास्तविक रूप से मौजूद नहीं हैं।

जांच टीम और मौजूद सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने पूरे मामले की पड़ताल की। रिकॉर्ड की जांच और स्थल पर सत्यापन के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि 30 में से सिर्फ एक ही मतदाता वास्तविक पाया गया। बाकी नामों के संबंध में कोई भी प्रमाण नहीं मिला, जो मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने यह भी बताया कि यहां आरएसएस की शाखा से जुड़े एक शाखा ट्रेनर अक्सर आते-जाते रहते हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है। इस दावे ने राजनीतिक रंग ग्रहण करते हुए मामले को और संवेदनशील बना दिया। दिग्विजय सिंह ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर सरकारी या अर्ध-सरकारी कार्यालयों में राजनीतिक गतिविधियों या संगठित प्रभाव का इस्तेमाल मतदाता सूची को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बेहद खतरनाक है।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि चुनाव की निष्पक्षता बनी रहे। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि असली मतदाताओं को दबाने और फर्जी नाम जोड़ने की कोशिशें लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ हैं।

भोपाल में सामने आया यह मामला आने वाले समय में बड़ी राजनीतिक चर्चा का कारण बन सकता है, क्योंकि यह चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को गहराई से छूता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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