दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

मध्यप्रदेश में SIR को लेकर मतदाताओं में भय, चुनाव अधिकारियों ने किया आश्वासन

Madhya Pradesh SIR

‘कहीं बांग्लादेश न भेज दें’ जैसी अफवाहों से मतदाता चिंतित

मध्यप्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर मतदाता पहचान प्रक्रिया (SIR – Service Integration & Registration) को लेकर अफवाहें फैल रही हैं। कुछ मतदाता इस बात को लेकर भय में हैं कि उन्हें गलत तरीके से बांग्लादेश या अन्य स्थानों में दर्ज कर दिया जाएगा। इसको लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में।

चुनाव आयोग और राज्य अधिकारियों ने मतदाताओं को आश्वासन दिया है कि ऐसी किसी भी जानकारी में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मतदाता अपने अधिकारों के तहत वोट डाल सकते हैं और किसी भी तरह की अनियमितता का डर रखने की आवश्यकता नहीं है।

मतदाताओं को सूचित किया गया है कि मतदाता मेपिंग (Voter Mapping) प्रक्रिया के लिए उन्हें 50 दिन का समय मिलेगा। इस दौरान मतदाता अपनी जानकारी की जाँच कर सकते हैं और यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। इससे सभी मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड को सही करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

अधिकारियों ने कहा कि SIR के तहत नामांकन और पहचान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। मतदाता डेटाबेस को अपडेट करने और सत्यापन करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।

विशेषज्ञों ने भी बताया कि अफवाहों से मतदाता भ्रमित न हों। मतदान और मतदाता सूची में किसी भी गलती को सुधारने का अधिकार सभी को है। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी के कारण वोट देने से हिचकिचाता है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

चुनाव आयोग ने स्थानीय अधिकारियों और पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि वे लोगों को सही जानकारी दें और अफवाहों को रोकें। साथ ही, मोबाइल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!