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फर्जी दस्तावेज से करोड़ों का टेंडर हड़पने का मामला, 3 आरोपी गिरफ्तार

Tender Fraud

226 करोड़ रुपए का टेंडर फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट के दम पर

हरियाणा में बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, KDBIL के प्रबंध संचालक और दो अन्य आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर 226 करोड़ रुपए का टेंडर हासिल किया। आरोपियों ने IWL के नाम से फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट तैयार कर अधिकारियों को दिखाया, जिससे उन्हें टेंडर मिलने में मदद मिली।

घटना का खुलासा तब हुआ जब संबंधित विभाग ने टेंडर प्रक्रिया की जांच शुरू की। जांच में यह पाया गया कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज असली नहीं थे और उनके आधार पर टेंडर देने का कोई वैध कारण नहीं था। विभाग ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने KDBIL के प्रबंध संचालक और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी और फर्जीवाड़े की धाराओं में FIR दर्ज की। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रशासन को गुमराह किया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान होने का खतरा पैदा हुआ।

जांच अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस मामले में और लोगों के शामिल होने की संभावना है। बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय कर लेन-देन की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी के बैंक अकाउंट और अन्य संपत्तियों की भी तलाशी ले रही है।

विभाग ने इस मामले में गंभीरता व्यक्त करते हुए कहा है कि भविष्य में ऐसे किसी भी टेंडर में कड़ाई से दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़े या भ्रष्टाचार की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन या पुलिस को अवगत कराएं।

यह मामला न सिर्फ सरकारी टेंडर प्रणाली में खामियों को उजागर करता है, बल्कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को भी स्पष्ट करता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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