अमेरिकी सेना के कमांडो ने वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को उनके घर से 3 जनवरी 2026 को पकड़ लिया। दुनिया भर के लिए हैरान करने वाली बात यह थी कि यह पूरी घटना हो गई और वेनेजुएला के सुरक्षाकर्मियों की ओर से कुछ खास प्रतिरोध दर्ज नहीं कराया गया।

वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट वेनेजुएला के एक चश्‍मदीद सैनिक का बयान पोस्‍ट किया, जिसके बाद सवाल उठने लगे कि क्‍या वेनेलुएला में कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने सोनिक हथियारों का उपयोग किया था। ऐसे में सवाल यह है कि सोनिक हथियार क्या होते हैं? आइए बताते हैं..

वो कौन-सी घटना है, जिससे शक गहराया?

सोनिक हथियारों के बारे में जानने से पहले हम आपको अमेरिकी सेना की वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के संबंध में सामने आ रही बेहद चौंकाने और डराने वाली जानकारी बताते हैं।

वेनेजुएला के एक गार्ड ने इंटरव्‍यू में बताया-

हम सैकड़ों की संख्‍या में थे और हम सभी सतर्क व बेहद सावधान भी थे, लेकिन अचानक हमारे सभी रडार सिस्‍टम ने काम करना बंद कर दिया। फिर हजारों की संख्‍या में ड्रोन मंडराने लगे। यह सब इतनी जल्‍दी और इस तरह हो रहा था कि हमको समझ नहीं आ रहा था कि क्‍या करें।

हमें मौका ही नहीं मिला और वे इतनी सटीकता और गति से गोलियां चला रहे थे, लग रहा था जैसे- हर एक अमेरिकी सैनिक एक मिनट के भीतर 300 से ज्‍यादा गोलियां दाग रहा है।

उसके कुछ ही पल बाद उन्‍होंने कुछ ऐसा छोड़ा, जिसे शब्‍दों में बयां नहीं किया जा सकता। बहुत तेज आवाज थी। अचानक मुझे ऐसा लगा कि जैसे सिर अंदर से फट रहा हो।

असर इतना भयावह था कि सभी की नाक से खून बहने लगा। कुछ खून की उल्‍टी करने लगे। हम जमीन पर गिर पड़े। हमारी हालत ऐसी थी कि हम हिल भी नहीं पा रहे थे। मैंने ऐसी तकनीक का इस्‍तेमाल न तो पहले कभी देखा था और न सुना था। हमारे सैकड़ों लड़ाकों को अमेरिकी सेना ने बिना एक भी जवान खोए मार गिराया।

सोनिक हथियार क्‍या हैं, क्‍या वेनेजुएला में इसका उपयोग हुआ?

दरअसल, सोनिक हथियार को एकॉस्टिक वेपंस (ultrasonic weapons) भी कहा जाता है। इसमें ध्‍वनि तरंगों को हथियार की तरह उपयोग किया जाता है। ये अत्यधिक केंद्रित और शक्तिशाली ध्वनि बीम छोड़ते हैं।

इनके तीन प्रकार के होते हैं-

  • एलआरएडीः लॉन्‍ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस कहते हैं। यह सबसे आम सोनिक हथियार है। यह 160 डेसिबल (डीबी) तक की ध्वनि पैदा कर सकता है। जेट इंजन की आवाज 130-140 डीबी होती है। इसका उपयोग लंबी दूरी तक स्पष्ट संदेश भेजने या असहनीय शोर के जरिए भीड़ को हटाने में होता है।
  • इन्फ्रासोनिकः ये हथियार बहुत कम आवृत्ति ( फ्रीक्वेंसी) वाली ध्वनियां छोड़ते हैं, जिन्हें सुन नहीं सकते। लेकिन इनसे शरीर के अंगों में कंपन होने लगता है, जिससे जी मिचलाना, चक्कर आना और घबराहट महसूस होने लगती है।
  • अल्ट्रासोनिक हथियारः ये बहुत उच्च आवृत्ति वाली ध्वनियां कानों में असहनीय दर्द और आंतरिक चोट का कारण बनती हैं। इससे इंसान का दिमाग चलना बंद हो जाता है और वह जिंदा लाश बन जाता है।

वेनेजुएला में सोनिक हथियार इस्‍तेमाल होने की चर्चा क्‍यों हो रही?

वेनेजुएला के गार्ड ने अपने इंटरव्‍यू में जो खुलाया किया वो सब सोनिक हथियार के इस्‍तेमाल के बाद होने वाले दुष्‍प्रभाव सेमिलते-झुलते हैं। बता दें कि 3 जनवरी को ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व में डेल्टा फोर्स ने काराकास पर हमला बोला।

150 फाइटर जेट और ड्रोन की मदद से रडार बंद कर दिए। इसके बाद राष्‍ट्रपति भवन से निकोलस मादुरो और उनकी पत्‍नी को बंधक बनाकर अमेरिका ले गए।