रामनवमी (Ram Navami 2026) का पावन पर्व भारतीय उद्योग जगत के इतिहास में एक खास मुकाम रखता है। साल 1894 में इसी शुभ दिन (Ram Navami 2026 Special) पर घनश्याम दास बिड़ला (GD Birla) का जन्म हुआ था। राजस्थान के पिलानी में सूती कपड़े के व्यापार से शुरू हुआ बिड़ला परिवार का सफर, आज भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की कहानी का अहम हिस्सा है।

आज बिड़ला परिवार की चौथी पीढ़ी न सिर्फ अपने पुश्तैनी कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है, बल्कि क्रिकेट और एंटरटेनमेंट जैसे नए क्षेत्रों में भी अपना दबदबा कायम कर रही है। हाल ही में आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 16,706 करोड़ रुपये (1.78 बिलियन डॉलर) में IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को खरीदकर इतिहास रच दिया है।

आइए जानते हैं कैसे रामनवमी पर जन्मे एक दूरदर्शी कारोबारी की नींव पर आज 67 बिलियन डॉलर का बिड़ला साम्राज्य खड़ा है।

बिड़ला ग्रुप की शुरुआत सेठ शिव नारायण बिड़ला ने सूती कपड़े के व्यापार से की थी। लेकिन इसे रामनवमी पर जन्मे जीडी बिड़ला ने नई दिशा दी। 1912 में उनकी मुलाकात महात्मा गांधी से हुई, जिसके बाद उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधारों में अपना अहम योगदान दिया। स्वतंत्रता के बाद, उन्होंने विस्कोस स्टेपल फाइबर, एल्युमीनियम, तांबा, सीमेंट और रसायन जैसी बुनियादी ढांचागत जरूरतों को पूरा करने के लिए कई अहम कारखाने स्थापित किए।

तीसरी पीढ़ी: 28 की उम्र में कमान और 67 बिलियन डॉलर का साम्राज्य

जीडी बिड़ला के पोते आदित्य विक्रम बिड़ला ने 1969 में थाईलैंड में ‘इंडो थाई सिंथेटिक्स’ की स्थापना कर ग्रुप को भारत की पहली बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) बनाया। उनके असामयिक निधन के बाद, मात्र 28 वर्ष की आयु में कुमार मंगलम बिड़ला ने  इस विशाल साम्राज्य की कमान संभाली।

लंदन बिजनेस स्कूल से MBA और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) कुमार मंगलम बिड़ला के नेतृत्व में ग्रुप ने 60 से अधिक सफल अधिग्रहण किए। आज यह सीमेंट से लेकर फैशन और टेलीकॉम तक, दुनिया के 40 देशों में 2,27,500 कर्मचारियों के साथ काम कर रहा है। कुमार मंगलम बिड़ला की नेटवर्थ  फोर्ब्स के मुताबिक  (Kumar Mangalam Birla Net worth) 1,80,771 करोड़ रुपये है।

चौथी पीढ़ी की नई उड़ान: खेल और स्टार्टअप में दबदबा

साल 2023 में ग्रासिम और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के बोर्ड में शामिल होने के बाद, कुमार मंगलम बिड़ला के बच्चे आर्यमन बिड़ला और अनन्या बिड़ला अब ग्रुप को नए जमाने के कारोबार में आगे बढ़ा रहे हैं।

आर्यमन बिड़ला RCB के नए चेयरमैन बने

IPL के इतिहास की सबसे चौंकाने वाली डील में 16,706 करोड़ रुपये में RCB को खरीदने के बाद आर्यमन बिड़ला सुर्खियों में हैं। वह अब RCB के नए चेयरमैन बन गए हैं।
आर्यमन खुद एक प्रोफेशनल क्रिकेटर रह चुके हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम नाबाद 103 रन के हाईएस्ट स्कोर के साथ 414 रन दर्ज हैं। 2018 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स (RR) ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा था, हालांकि उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य बिड़ला समूह की होल्डिंग्स के आधार पर आर्यमन की नेटवर्थ करीब 70 हजार करोड़ रुपये आंकी जाती है।

अनन्या बिड़ला: 17 की उम्र में बिजनेस की शुरुआत

1994 में जन्मीं अनन्या बिड़ला ने परिवार की विरासत से अलग अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। वह एक सफल एंटरप्रेन्योर, सिंगर और मेंटल हेल्थ एडवोकेट हैं। मात्र 17 साल की उम्र में उन्होंने ग्रामीण महिला उद्यमियों को लोन देने के लिए ‘स्वतंत्र माइक्रोफिन’ की शुरुआत की। द फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अनन्या की अपनी निजी नेटवर्थ 1,000 करोड़ से 1,770 करोड़ रुपये के बीच है। वह मुंबई में 425 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लग्जरी मेंशन में रहती हैं।

एक कॉटन ट्रेडिंग बिजनेस से शुरू हुआ यह सफर आज चार पीढ़ियों की मेहनत और विजन का जीता-जागता सबूत है, जो सीमेंट से लेकर क्रिकेट की पिच तक अपना परचम लहरा रहा है।