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एनसीईआरटी को मिला डिग्री देने का अधिकार, घोषित हुआ ‘डिम्ड-टू-बी’ विश्वविद्यालय

NCERT granted deemed-to-be university status, can award its own degrees

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को आधिकारिक रूप से ‘डिम्ड-टू-बी’ विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया गया है। इसके तहत अब एनसीईआरटी अपने नाम से डिग्री प्रदान कर सकेगा। यह फैसला शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सलाह पर लिया है।

एनसीईआरटी के इस दर्जे से देश के शैक्षिक अध्ययन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा, क्योंकि अब यह संस्था न केवल शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्य करेगी, बल्कि अपने शिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत योग्य छात्रों को डिग्री भी प्रदान कर सकेगी। इसके साथ ही एनसीईआरटी की छह घटक इकाइयां भी इस बदलाव का हिस्सा होंगी।

इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि एनसीईआरटी की यह नई योग्यता शिक्षा क्षेत्र की नीतियों और गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी। विश्वविद्यालय बनने के साथ एनसीईआरटी अपने कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित कर सकेगा और क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय शैक्षिक जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करेगा।

एनसीईआरटी की स्थापना 1961 में हुई थी और इसे शिक्षा क्षेत्र में अनुसंधान, विकास तथा पाठ्यक्रम निर्माण का प्रमुख संस्थान माना जाता है। अब इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद यह अपने परंपरागत कार्यों के साथ-साथ अकादमिक डिग्रियां प्रदान करने का अधिकार भी रखेगा। इससे विद्यार्थियों और शिक्षण क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से एनसीईआरटी की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और यह अपने शोध एवं शिक्षा कार्यक्रमों में नवाचार और गुणवत्ता की ओर अग्रसर होगा। विश्वविद्यालय दर्जा मिलने से एनसीईआरटी को नए अकादमिक कोर्स, शोध परियोजनाएं तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

इस प्रकार, एनसीईआरटी का ‘डिम्ड-टू-बी’ विश्वविद्यालय के रूप में विकास शिक्षा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो देश की शिक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत तथा समृद्ध बनाने में सहायक होगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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